हजारीबाग। झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और जनजातीय विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 30 और 31 अक्टूबर को हजारीबाग के संत कोलंबस कॉलेज फुटबॉल मैदान में सोहराय महोत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय इस महोत्सव में नागपुरी और खोरठा संगीत के चर्चित कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। वहीं, लोकनृत्य, लोकगायन, फैशन प्रतियोगिता, हस्तशिल्प, झारखंडी परिधान और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र होंगे।
महोत्सव को लेकर शुक्रवार को हो एंटरटेनमेंट कल्चरल टीम एवं सोहराय महोत्सव आयोजन समिति की ओर से संत कोलंबस कॉलेज फुटबॉल मैदान में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें आयोजकों ने महोत्सव के उद्देश्य, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न आकर्षणों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस आयोजन के जरिए स्थानीय कलाकारों को मंच देने और नई पीढ़ी को झारखंड की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
नागपुरी और खोरठा कलाकार देंगे प्रस्तुति
सोहराय महोत्सव में इग्नेश कुमार, नितेश कच्छप, आरती देवी और ललिता अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगी। क्षेत्रीय भाषाओं के गीत-संगीत के जरिए दर्शकों को झारखंड की लोक संस्कृति से रूबरू कराने की तैयारी है। आयोजकों के अनुसार, पारंपरिक कलाओं और क्षेत्रीय संगीत को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
लोकनृत्य, लोकगायन और फैशन प्रतियोगिता
महोत्सव में झारखंडी पारंपरिक परिधानों पर आधारित फैशन प्रतियोगिता के साथ एकल एवं समूह लोकनृत्य और लोकगायन प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इससे स्थानीय और उभरते कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा हस्तशिल्प और हस्तकला के स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जहां झारखंड की पारंपरिक कलाकृतियों और शिल्पकला को प्रदर्शित किया जाएगा।
पारंपरिक व्यंजनों का भी मिलेगा स्वाद
महोत्सव में झारखंड के पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इनमें धुस्का-घुघनी, चिल्का रोटी-मटन करी, पीठा, रुगड़ा, मड़ुआ रोटी, लिट्टी-चोखा, पुक्की, हड़िया और ठेकुआ जैसे स्थानीय व्यंजन शामिल होंगे। इसके साथ ही झारखंडी परिधान, लोककला और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित स्टॉल एवं प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
संस्कृति और कला को पहचान दिलाना उद्देश्य : चंदन सिंह
महोत्सव के संरक्षक चंदन सिंह ने कहा कि सोहराय महोत्सव का मुख्य उद्देश्य झारखंड की संस्कृति और कला को व्यापक पहचान दिलाना है। इसके माध्यम से पारंपरिक वेशभूषा, गीत-संगीत, कलाकृतियों, हस्तशिल्प और खानपान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह महोत्सव झारखंड की सांस्कृतिक विविधता की जीवंत तस्वीर पेश करेगा।
स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मंच : रोहित वर्मा
हो एंटरटेनमेंट कल्चरल टीम के निदेशक रोहित वर्मा ने कहा कि टीम की ओर से झारखंड की कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोहराय महोत्सव 2026 आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कलाकारों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए लोकनृत्य, लोकगायन और फैशन प्रतियोगिताएं रखी गई हैं। इससे स्थानीय कलाकारों और पारंपरिक कला से जुड़े लोगों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की कि वे 30 और 31 अक्टूबर को संत कोलंबस कॉलेज फुटबॉल मैदान पहुंचकर महोत्सव में भाग लें और झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, कला एवं विरासत के उत्सव का हिस्सा बनें।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संरक्षक चंदन सिंह, निदेशक रोहित वर्मा, बादल राज, राहुल कुमार, झामुमो नेता रमाकांत सोनी, डॉ. अमित सोरेन, पवन रजक, सौरभ, मनोज पांडे, कौशिक राज, रोहन कुमार, अमन आर्या, अख्तर हाशमी, गुलशन मिश्रा, प्रीतेश प्रियांश, विजय भोक्ता, विजय धान, धनंजय डीके, राजू वर्मा, सुरेंद्र सुदेश, अमित वर्मा और कुमार शानू सहित अन्य लोग उपस्थित थे।