हजारीबाग: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेताओं ने छात्र आंदोलन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया है। शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में झामुमो नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों की जायज मांगों को लेकर संवेदनशील है और उनके हितों को प्राथमिकता दे रही है, जबकि भाजपा छात्र आंदोलन की आड़ में अपनी राजनीति चमकाने का प्रयास कर रही है।
झामुमो के जिला सचिव नीलकंठ महतो ने आरोप लगाया कि भाजपा छात्र हितों की बात केवल राजनीतिक अवसर देखकर करती है। उन्होंने कहा कि झामुमो शुरू से छात्रों के साथ खड़ी रही है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार छात्र हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने भाजपा पर अपने कार्यकर्ताओं और कोचिंग संचालकों के माध्यम से छात्रों को बहला-फुसलाकर आंदोलन को राजनीतिक दिशा देने का भी आरोप लगाया।
जिला श्रमिक संघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि सरकार ने छात्रों की मांगों पर सकारात्मक पहल की है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक बहकावे में न आएं और सरकार की मंशा पर विश्वास बनाए रखें।
झामुमो जिला प्रवक्ता कुणाल यादव ने भाजपा और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा को पहले अपने कार्यकर्ताओं के व्यवहार का मूल्यांकन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के बंद के दौरान पत्रकारों और आम लोगों के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं का व्यवहार लोकतांत्रिक राजनीतिक संस्कृति के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा कि झामुमो लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक सौहार्द और संवाद की राजनीति में विश्वास करती है।
झामुमो युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष सत्येंद्र मेहता ने 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया था, लेकिन बाद में उच्च न्यायालय ने उस निर्णय पर रोक लगा दी। उन्होंने कहा कि अब मामला न्यायिक प्रक्रिया और जांच के दायरे में है। छात्रों को धैर्य और संयम बनाए रखना चाहिए तथा न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए।
छात्र नेता चंदन सिंह ने कहा कि छात्रों की लड़ाई रोजगार, पारदर्शिता और न्याय की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन को राजनीतिक मंच में बदलने के बजाय छात्रों की वास्तविक समस्याओं और उनके भविष्य को केंद्र में रखकर समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने सरकार और जांच एजेंसियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
प्रेस वार्ता में झामुमो नेताओं ने कहा कि छात्र हितों की रक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने छात्रों से शांति, संयम और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।
मौके पर झामुमो नेता राजेश मेहता, कमाल कुरैशी, साजन मेहता, निशी मेहता, सुनील कुमार, इमरान खान, अभिषेक कुमार, अभिषेक मेहता, राजा कुमार, विपुल मेहता समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।
