हजारीबाग। शहर के प्रतिष्ठित आरोग्यम सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की ओर से जन्मजात चेहरे एवं जबड़े की समस्याओं से जूझ रहे बच्चों के लिए शनिवार को निःशुल्क मेगा जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चले शिविर में कुल 125 लोगों ने स्वास्थ्य सेवा का लाभ उठाया।
शिविर के दौरान अस्पताल पहुंचे बच्चों एवं उनके अभिभावकों की विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा जांच की गई। जांच के बाद मरीजों को उनकी समस्या के अनुसार आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार संबंधी जानकारी दी गई। शिविर में विशेष रूप से जन्मजात कटे होंठ, कटे तालू, चेहरे की बनावट तथा जबड़े से जुड़ी समस्याओं की जांच की गई।
शिविर में क्रैनियोमैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. अमित कुमार ने बच्चों की जांच की। उन्होंने जन्मजात समस्याओं का चिकित्सकीय आकलन करते हुए अभिभावकों को उपचार की संभावनाओं, आवश्यक सावधानियों और आगे की उपचार प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों में दिखाई देने वाली ऐसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करने तथा समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेने की अपील की।
जांच के दौरान जिन बच्चों में सर्जरी की आवश्यकता पाई गई, उनके लिए आरोग्यम अस्पताल की ओर से 23 एवं 24 अगस्त को विशेष निःशुल्क सर्जरी शिविर आयोजित किया जाएगा। इस दौरान चिन्हित जरूरतमंद बच्चों की आवश्यक सर्जरी निःशुल्क किए जाने की व्यवस्था की गई है। अस्पताल की ओर से बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पहल की गई है।
आरोग्यम अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि अस्पताल की ओर से समय-समय पर आम लोगों और जरूरतमंद मरीजों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते रहे हैं। जन्मजात चेहरे एवं जबड़े की समस्याओं से प्रभावित बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना इस शिविर का प्रमुख उद्देश्य रहा। उन्होंने कहा कि सर्जरी की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए 23 एवं 24 अगस्त को निःशुल्क सर्जरी शिविर आयोजित किया जा रहा है।
अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव या आर्थिक कारणों से अभिभावक बच्चों की जन्मजात समस्याओं का समय पर उपचार नहीं करा पाते हैं। ऐसे परिवारों को उचित चिकित्सकीय मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिविर आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चों को समय पर विशेषज्ञ परामर्श और उपचार की दिशा में मार्गदर्शन देना प्राथमिकता है।
सुबह से ही शिविर में बच्चों एवं उनके अभिभावकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। अस्पताल की टीम ने शिविर को व्यवस्थित ढंग से संचालित करते हुए मरीजों की जांच एवं परामर्श की व्यवस्था की। छह घंटे चले शिविर में कुल 125 लोगों को चिकित्सा सेवा का लाभ मिला। अस्पताल प्रबंधन ने शिविर के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और अभिभावकों के प्रति आभार जताया।
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