हजारीबाग। आगामी परिसीमन के कारण आदिवासियों के लिए आरक्षित लोकसभा एवं विधानसभा सीटों में संभावित कटौती के विरोध में मंगलवार को हजारीबाग सर्किट हाउस (परिसदन) में आदिवासी संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आदिवासी महाजुटान रैली के हजारीबाग जिला संयोजक विजय सिंह भोक्ता ने की, जबकि संचालन महाजुटान के प्रवक्ता विक्की कुमार धान ने किया।
बैठक में जिले के विभिन्न सामाजिक एवं जनजातीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान आगामी 30 अगस्त 2026 को रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित आदिवासी एकता महाजुटान रैली की तैयारियों की समीक्षा की गई और आंदोलन की रणनीति पर चर्चा हुई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हजारीबाग जिले से 10 हजार से अधिक लोग रांची पहुंचकर महाजुटान रैली में शामिल होंगे। इसके लिए जिले की पंचायतों और प्रखंड स्तर से लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ वाहनों एवं यातायात की रूपरेखा तैयार की गई।
सामाजिक एवं जनजातीय संगठनों के प्रतिनिधियों को गांव-गांव जाकर जनसंपर्क करने और लोगों को रैली के उद्देश्य के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि परिसीमन के नाम पर आदिवासियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज अपने संवैधानिक अधिकारों, पहचान और अस्तित्व की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाएगा। बैठक के अंत में हजारीबाग के आदिवासी एवं मूलवासी समाज से अपील की गई कि वे 30 अगस्त को अधिक से अधिक संख्या में रांची के मोरहाबादी मैदान पहुंचकर आदिवासी एकता महाजुटान रैली को सफल बनाएं।
