लोहसिंघना फीडर के न्यू एरिया (चौथी गली) में सोमवार की देर रात अचानक आए हाई वोल्टेज ने स्थानीय निवासियों की कमर तोड़ कर रख दी है। भीषण और तपती गर्मी के बीच आधी रात को हुए इस हादसे से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हाई वोल्टेज के कारण क्षेत्र के अधिकांश घरों में लगे कीमती इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, एसी, कूलर, पंखे और एलईडी बल्ब पल भर में जलकर खाक हो गए। कई घरों के बिजली बोर्ड तक जल गए। स्थिति इतनी गंभीर है कि लोगों के घरों में लगे इन्वर्टर तक ठप्प हो गए हैं और पानी की मोटर न चलने के कारण पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस चिलचिलाती गर्मी में बुजुर्गों, बच्चों और आम जनता का जीना मुहाल हो गया है।
स्थानीय निवासियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक पिछले करीब तीन-चार दिनों से लोहसिंघना फीडर के अलग-अलग इलाकों में ट्रिपिंग और वोल्टेज की यह समस्या चल रही थी, लेकिन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। सोमवार रात को आई इस आपदा के बाद अब लोगों के मन में दोबारा अचानक अत्यधिक वोल्टेज आने का डर सताने लगा है। लोग बिजली आने पर भी डर के साये में जीने को मजबूर हैं।
इस हाई वॉल्टेज के कारण इस क्षेत्र में किराए के घर पर प्रवास करने वाले सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने बताया कि उनके यहां में भी दो पंखे और कूलर सहित कई कीमती सामग्रियां जल गईं, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद जब उन्होंने बिजली विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। किसी ने फोन काट दिया तो किसी ने उठाया ही नहीं। बाद में बिजली विभाग के अधिकारी सुब्रत बनर्जी ने फोन उठाया, जिसके बाद उन्हें स्थिति की गंभीरता से अवगत कराते हुए तत्काल विभागीय स्तर पर जांच और राहत का आग्रह किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रंजन चौधरी ने हजारीबाग उपायुक्त (डीसी) को ट्वीट कर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि लोहसिंघना फीडर में हाई वोल्टेज से न्यू एरिया के घरों में भारी नुकसान हुआ है। गैजेट्स खराब, मोटर-इन्वर्टर ठप्प। भीषण गर्मी में जनता बेहाल है। कृपया डीसी हजारीबाग महोदय आपसे अपील है कि तत्काल विशेष टीम भेजकर बिजली बहाल कराएं और प्रभावितों की मदद करें ।
मंगलवार को विभाग द्वारा हाई वोल्टेज की समस्या को तो दुरुस्त कर दिया गया, लेकिन इसके कारण हुए भारी नुकसान का जायजा लेने या निरीक्षण करने के लिए विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी प्रभावित क्षेत्र में नहीं पहुंचा। इसे लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि जब जेबीवीएनएल के उपभोक्ता समय पर बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो बिजली विभाग की नाकामी और लापरवाही के कारण हुए नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक स्पेशल टास्क फोर्स/विभागीय टीम को प्रभावित क्षेत्र में भेजा जाए और जिन नागरिकों के कीमती उपकरण खराब हुए हैं, विभाग संवेदनशील होकर उन्हें तत्काल मुआवजा या राहत राशि उपलब्ध कराए।
