रूआर 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज DIET परिसर, हजारीबाग में एक दिवसीय जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालय से किसी कारणवश बाहर रह गए बच्चों का पुनः नामांकन सुनिश्चित करना तथा उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना रहा।
बैठक में “ड्रॉप बॉक्स” को शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि विद्यालय से उत्तीर्ण होकर अगली कक्षा में जाने वाले प्रत्येक बच्चे का शत-प्रतिशत नामांकन हो। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सभी विद्यालयों को उनके पोषक क्षेत्र के आधार पर आपस में टैग किया गया है।
रूआर सत्र 2026 को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग, कर्मी एवं सहयोगी संस्थाएं सामूहिक रूप से कार्य करेंगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सतत निगरानी, समन्वित प्रयास और प्रतिबद्धता के माध्यम से शत-प्रतिशत नामांकन एवं उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
चर्चा के दौरान प्रतिभागियों ने जमीनी स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करने, समुदाय की भागीदारी बढ़ाने तथा घर-घर संपर्क अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया।
जिला शिक्षा अधीक्षक ने कहा कि हजारीबाग जिले को शून्य छीजन की श्रेणी में लाने के लिए सभी BRP, CRP एवं संबंधित प्रखंडों के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा। इससे अभियान को पूर्णतः सफल बनाते हुए बच्चों को इसका समुचित लाभ दिलाया जा सकेगा।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधीक्षक, एडीपीओ, एपीओ, डायट संकाय सदस्य, सभी प्रखंडों के बीईईओ, बीपीओ, बीपीएम, बीआरपी, सीआरपी, MIS प्रतिनिधि, पंचायती राज प्रतिनिधि, पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि, गांधी फेलोज, रूम टू रीड एवं सी3 के सदस्य उपस्थित रहे।
