झामुमो के 47वें स्थापना दिवस पर हजारीबाग में दिखा जोश और संस्कृति का संगम, शानू गोस्वामी समर्थकों संग सदस्यता ग्रहण कर झामुमो के प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया।


हजारीबाग में शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का 47वां स्थापना दिवस उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। इस दौरान राजनीतिक एकजुटता के साथ-साथ झारखंडी संस्कृति की शानदार झलक भी देखने को मिली। सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक विधि और स्वागत के साथ हुई, जिसके बाद झारखंडी लोक कलाकारों ने गीत-संगीत और नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति देकर माहौल को जीवंत बना दिया। ढोल-नगाड़ों की थाप और पारंपरिक धुनों पर झूमते कलाकारों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। “जय झारखंड” के नारों के साथ कार्यक्रम स्थल गूंजता रहा।

इस मौके पर झामुमो के युवा नेता शानू गोस्वामी भी सदस्यता ग्रहण कर झामुमो के प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया। जब मीडिया ने शानू गोस्वामी से बातचीत की, तो उन्होंने कहा कि झामुमो पार्टी गरीबों, मजदूरों और आदिवासियों की सच्ची आवाज है। शानू गोस्वामी ने बताया कि पार्टी की विचारधारा और जनहित में किए जा रहे कार्यों से प्रभावित होकर वे जुड़े हैं और आगे भी जनता की सेवा में सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।

शानू गोस्वामी ने कहा कि झारखंड की असली पहचान उसकी संस्कृति और यहां के मूलवासी हैं, और झामुमो हमेशा से उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करती रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में युवाओं की भागीदारी से पार्टी और मजबूत होगी।

कार्यक्रम की अगुवाई झामुमो जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बेड़िया ने की, जिसमें दर्जा प्राप्त मंत्री, स्थानीय विधायक और कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से आए हजारों कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर इसे सफल बनाया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक अमित महतो ने कहा कि झामुमो लगातार मजबूत हो रही है और छोटानागपुर क्षेत्र में पार्टी का जनाधार तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

पूरे आयोजन में जहां राजनीतिक मजबूती का संदेश मिला, वहीं झारखंडी संस्कृति की रंगत ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। इस दौरान शानू गोस्वामी की मौजूदगी और उनके विचारों ने युवाओं में नई ऊर्जा भरने का काम किया।