गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल का हुआ शिलान्यास, तीन साल के संघर्ष के बाद नई उम्मीद

 प्रस्तुति:

✍️ रंजन चौधरी,
सांसद मीडिया प्रतिनिधि, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र



हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र का एक ऐसा पुल जो बीते तीन वर्षों से अत्यंत जर्जर होने के कारण एक ओर जहां इस क्षेत्र के लाखों लोगों के जनजीवन के लिए आफ़त बनी रही है वही दूसरी ओर इसके निर्माण को लेकर चरणबद्ध आंदोलन हुए। यह पुल हमेशा से इस क्रम में सुखियों में रहा। जब इस पुल के निर्माण को लेकर संघर्ष कर रहें गिद्दी- भुरकुंडा दामोदर नदी पुल बचाओ संघर्ष समिति को हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल का साथ मिला तो इसके निर्माण का राह प्रशस्त हुआ। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के मांडू विधानसभा और बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र को जोड़ने वाला, हजारीबाग जिला और रामगढ़ जिला को जोड़ने वाला, सीसीएल के अरगड्डा एरिया और बरकाकाना एरिया को आपस में जोड़ने वाला यह पुल गिद्दी रोड़ एवं अरगड्डा रोड़ की लाखों की आबादी का जीवनरेखा माना जाता है। यह पुल गिद्दी- भुरकुंडा दामोदर नदी पुल है ।


बीते करीब 3 वर्षों से इस जर्जर इस पुल के स्थान पर नए पुल निर्माण की वर्षों की माँग अब धरातल पर उतर रही है। इसका इंतजार क्षेत्र की जनता लंबे समय से कर रही थी। 30 सितंबर को इस पुल के निर्माण के लिए विधिवत शिलान्यास भी हुआ। इस दौरान यहां पुल बचाओ संघर्ष समिति, स्थानीय मजदूर संघ और आम- आवाम में खुशी की लहर दिखी। पारंपरिक छौ नृत्य, नगाड़ा और मांदर कि थाप पर झूमते हुए स्थानीय लोगों ने सांसद मनीष जायसवाल सहित अन्य अतिथियों का जबरदस्त स्वागत किया। भाजपा- आजसू के कार्यकर्ता हाथों में झण्डा लहराते हुए बेहद उत्साहित दिखे ।

गिद्दी दामोदर पुल का निर्माण करीब चार दशक पहले साल 1980-82 हुआ था। समय के साथ पुल की स्थिति लगातार खराब होती गई। गिद्दी और भुरकुंडा के बीच आवागमन, कोयलांचल की आर्थिक गतिविधियां और रामगढ़ एवं हजारीबाग जिलों के बीच संपर्क के लिए महत्वपूर्ण इस पुल की जर्जर स्थिति ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी थी। पुल की जर्जर हालत, भारी वाहनों के आवागमन और नए पुल की मांग को लेकर स्थानीय लोगों को आंदोलन का भी रुख अख्तियार करना पड़ा था ।
जब इस पुल की समस्या लगातार गंभीर होती गई तो स्थानीय स्तर पर गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल बचाओ संघर्ष समिति ने मोर्चा संभाला। समिति के अध्यक्ष पुरुषोत्तम पांडेय के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने पुल की बदहाल स्थिति को लेकर धरना, प्रदर्शन, बंद और उपवास जैसे आंदोलन किए। सरकारी तंत्र, सीसीएल प्रबंधन और जनप्रतिनिधियों तक लगातार आवाज पहुंचाई गई। गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल बचाओ संघर्ष समिति के लोगों ने सामूहिक रूप से पहल किया। उनके इस प्रयास का कई नेताओं ने राजनीतिक लाभ लेने का भी खूब प्रयास किया लेकिन उनके मंसूबे को संघर्ष समिति के लोगों ने पूरा नहीं होने दिया। स्थानीय जनता, संघर्ष समिति, मीडिया और विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने अलग-अलग स्तर पर इस मुद्दे को निरंतर उठाया। पुल बचाओ संघर्ष समिति ने इस पुल के निर्माण के लिए सांसद मनीष जायसवाल, मांडू विधायक निर्मल महतो और बड़कागांव विधायक रोशनलाल चौधरी समेत अन्य लोगों के सहयोग के प्रति आभार जताया।

किसी जनआंदोलन की वास्तविक ताकत यही होती है कि जब वर्षों से उपेक्षित समस्या को जनता लगातार अपनी आवाज बनाकर व्यवस्था के सामने रखती है और खासकर जब सिद्दत से किसी जनप्रतिनिधि का साथ मिलता है तो प्रयास सफल जरूर होता है। ऐसा ही हुआ इस पुल निर्माण में भी हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल का पूर्ण सहयोग, समर्थन इस पुल बचाओ संघर्ष समिति को मिला। खुद सांसद मनीष जायसवाल इस पुल के निर्माण के लिए संघर्ष समिति संग संघर्ष करते दिखे।

गिद्दी दामोदर पुल का मामला जब निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने लगा तो इसके श्रेय को लेकर राजनीतिक बहस भी खासा तेज हुई। सकारात्मक पहल के बाद अलग-अलग स्तरों से अपने-अपने प्रयासों को सामने रखने की कोशिश हुई। यह स्वाभाविक भी है कि किसी बड़े सार्वजनिक कार्य से जब विकास की बात हो तो इसका राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास क्षेत्र के कई प्रतिनिधि और पूर्व के प्रतिनिधि भी करते ही है। लेकिन जो शिद्दत से लगते हैं उनका प्रयास आवाम के जेहन में हमेशा के लिए रहता है ।

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने भी सार्वजनिक रूप से कहा था कि पुल निर्माण की दिशा में स्थानीय आंदोलन और मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। दूसरी ओर आंदोलन करने वाले पुल बचाओ संघर्ष समिति की ओर से सांसद मनीष जायसवाल के लगातार मिले साथ, उनके संघर्ष और प्रयासों को इस प्रक्रिया में प्रमुख बताया। स्वतः श्रेय लेने वाले लेते रहते है लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल की भूमिका को लेकर स्थानीय स्तर पर विशेष चर्चा हो रही है। सांसद मनीष जायसवाल ने सीसीएल प्रबंधन से लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों तक लगातार संवाद किया और फाइल को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास जारी रखा। सांसद मनीष जायसवाल के स्तर से इस पुल निर्माण को लेकर लगातार पहल की गई, अधिकारियों से संपर्क साधा गया और निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बाद कई बार स्थल का निरीक्षण कर क्षेत्र वासियों को आश्वस्त किया गया कि संघर्षरत हैं और सफलता जल्द मिलेगी। अंततः हुआ भी कुछ ऐसा ही व्यवस्था ऐसी बनी किसेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड सीसीएल के अरगड्डा क्षेत्र के सीएसआर मद द्वारा झारखंड राज्य राजमार्ग प्राधिकरण, झारखंड के माध्यम से इसके निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ी। पुल निर्माण का शिलान्यास सांसद मनीष जायसवाल के साथ स्थानीय मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो और बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी सहित अरगड्डा क्षेत्र के सीसीएल के महाप्रबंधक सत्यजीत कुमार और बरकासयाल क्षेत्र सीसीएल के महाप्रबंधक रंजय सिन्हा, हजारीबाग भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह, रामगढ़ भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बाबला, रामगढ़ आजसू जिला अध्यक्ष दिलीप दांगी सहित हजारों लोगों की जनसैलाब की उपस्थिति में किया।

इस पुल तैयार होने से गिद्दी-भुरकुंडा क्षेत्र के आवागमन को राहत मिलेगी। रामगढ़ और हजारीबाग जिलों के बीच संपर्क मजबूत होगा। कोयलांचल की आर्थिक गतिविधियों को भी बेहतर परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है। सबसे बढ़कर उन लाखों लोगों की चिंता कम होगी, जिनके लिए यह पुल रोजमर्रा के जीवन का अनिवार्य हिस्सा रहा है।

आज जब शिलान्यास के साथ पुल के निर्माण कार्य का रास्ता प्रशस्त हो गया, तो गिद्दी-भुरकुंडा की धरती पर खुशी स्वाभाविक है। लंबे इंतजार के बाद क्षेत्रवासियों को अब उम्मीद है कि दामोदर पर बनने वाला नया पुल आने वाले वर्षों में विकास, आवागमन और जनजीवन के लिए नई राह खोलेगा और इस पुल बचाओ संघर्ष समिति के साथ हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के संघर्ष और सार्थक पहल को जनता हमेशा याद रखेगी।