हजारीबाग। मानवता की सेवा और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एचजेडबी आरोग्यम् सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और सामाजिक संस्था ‘अर्थ एक प्रयास’ के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। संस्था के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस शिविर में युवाओं और स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और रक्तदान कर सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
शिविर का आयोजन आरोग्यम् इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के मल्टीपरपज हॉल में किया गया। सुबह 9 बजे से दोपहर 4 बजे तक चले इस कार्यक्रम का संचालन आरोग्यम अस्पताल के ब्लड बैंक सेंटर के प्रशासनिक अधिकारी मोहम्मद नदीम के सहयोग और देखरेख में किया गया। इस दौरान रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखा गया।
आयोजकों के अनुसार, रक्तदान का उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहयोग करना है। थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों, प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव से जूझ रही महिलाओं और सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों के उपचार में समय पर रक्त उपलब्ध होना बेहद महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर आरोग्यम सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। जरूरत के समय मरीज को रक्त उपलब्ध होना उसके उपचार में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे आयोजनों से लोगों में जागरूकता बढ़ती है और वे दूसरों की मदद के लिए प्रेरित होते हैं। अस्पताल का प्रयास स्वास्थ्य सेवाओं के साथ सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में भी सकारात्मक योगदान देना है।
अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की जरूरत है। आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त की उपलब्धता मरीज और उसके परिजनों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। ऐसे में रक्तदान शिविर जरूरतमंदों की सहायता का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने समाज के अधिक से अधिक लोगों से इस पहल से जुड़ने की अपील की।
संस्था की प्रतिनिधि ने भी रक्तदान को मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण कार्य बताते हुए युवाओं से जागरूकता फैलाने और लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने की अपील की।
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों से दूर रहें और चिकित्सकीय जांच एवं निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के अनुसार ही रक्तदान करें। इस संयुक्त पहल ने समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और जरूरतमंद मरीजों की मदद के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया।
