हजारीबाग। झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से रविवार को चरही स्थित शहीद स्थल 45 कांटा के समीप झारखंड आंदोलन के शहीद सेनानी जयबीर महतो का 33वां शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में झामुमो के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने शहीद जयबीर महतो के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और झारखंड आंदोलन में उनके योगदान को याद किया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए झामुमो हजारीबाग जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बेदिया ने कहा कि जयबीर महतो झारखंड आंदोलन की महत्वपूर्ण आवाज थे। उन्होंने गरीबों, मजदूरों, किसानों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और अलग झारखंड राज्य के निर्माण के आंदोलन में अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और बलिदान से प्रेरणा लेने की जरूरत है।
वहीं जिला सचिव नीलकंठ महतो ने कहा कि जयबीर महतो अलग झारखंड राज्य की मांग को लेकर होने वाले आंदोलनों और जनसंगठन के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते थे। उन्होंने झारखंडी अस्मिता, अधिकार और पहचान की आवाज को गांव-गांव तक पहुंचाने में भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि झारखंड आंदोलन जल, जंगल, जमीन और पहचान के अधिकार से जुड़ा संघर्ष था। जयबीर महतो जैसे आंदोलनकारियों के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने और झारखंड के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बेदिया, जिला सचिव नीलकंठ महतो, लखी राम मांझी, दिनेश्वर रविदास, सुनीता देवी, गौरव पटेल, सुनील शर्मा, रंजीत मेहता, सत्येंद्र मेहता, दयानंद मेहता, राजेश मेहता, यासीन खान, प्रभु मुर्मू, रवींद्र कुमार, बालकुमार महतो, दीपनारायण महतो, आनंद मरांडी, नवीन प्रकाश, राजू वर्मा, निसार अहमद, मो. कौसर अंसारी, तामीर, राजू महतो, भागेश्वर गंझू, गणपत सिंह भोक्ता, श्याम मरांडी, अरुण महतो, योगेंद्र महतो, फुलेश्वर महतो, पारसनाथ महतो, दशरथ महतो, चोलेश्वर महतो, कैलाशपति महतो, शिव महतो सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
