हजारीबाग। हजारीबाग की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हजारीबाग में रहकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं दो युवा एथलीट पृथ्वी उरांव और अनौखी कुमारी का चयन अंडर-17 विश्व विद्यालयीन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए झारखंड टीम में हुआ है। प्रतियोगिता का आयोजन आगामी 3 से 8 दिसंबर तक ब्राजील के जेनेवा में किया जाएगा। दोनों खिलाड़ियों के चयन से जिले के खेलप्रेमियों में खुशी का माहौल है।
प्रतियोगिता के लिए झारखंड के कुल 11 खिलाड़ियों का चयन किया गया है। इनमें हजारीबाग में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं पृथ्वी उरांव लंबी कूद और अनौखी कुमारी 400 मीटर बाधा दौड़ में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। दोनों खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत, लगन और लगातार अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
गुमला की रहने वाली पृथ्वी उरांव पिछले करीब तीन वर्षों से हजारीबाग में रहकर लंबी कूद का प्रशिक्षण ले रही हैं। उनके पिता किसान हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। साधारण पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद पृथ्वी ने खेल के प्रति अपनी लगन और मेहनत को जारी रखा। मैदान पर नियमित अभ्यास और प्रदर्शन में लगातार सुधार की बदौलत उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है।
वहीं रांची की रहने वाली अनौखी कुमारी ने 400 मीटर बाधा दौड़ में अपनी जगह बनाई है। उनके पिता कृषि कार्य से जुड़े हैं और मां गृहिणी हैं। अनौखी भी हजारीबाग में रहकर नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने अपनी प्रतिभा को निखारा और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं।
दोनों खिलाड़ियों की सफलता में उनके प्रशिक्षक नीरज रॉय और अनुकंपा रूंडा की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में दोनों खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक, गति, फिटनेस और प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए लगातार अभ्यास किया। लंबे समय से की जा रही मेहनत का परिणाम है कि उन्हें अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है।
राज्य की आवासीय खेल व्यवस्था भी इन खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है। आवासीय सुविधा और नियमित प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभावान खिलाड़ियों को अपनी खेल विधा में बेहतर तैयारी का अवसर मिल रहा है। इसी व्यवस्था का लाभ उठाकर पृथ्वी और अनौखी लगातार अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने में जुटी हैं।
ब्राजील रवाना होने से पहले दोनों खिलाड़ियों के लिए गोवा में करीब ढाई महीने का विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीक और प्रदर्शन को और बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके बाद दोनों खिलाड़ी ब्राजील के अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक ट्रैक पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।
इस उपलब्धि पर हजारीबाग ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सह युवा समाजसेवी हर्ष अजमेरा ने अपने कार्यालय परिसर में पृथ्वी उरांव और अनौखी कुमारी को सम्मानित किया। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हजारीबाग में प्रशिक्षण लेकर दो बेटियों का अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन होना पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को ब्राजील तक पहुंचाने और उनकी तैयारी में हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
हर्ष अजमेरा ने कहा कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती। जरूरत है उसे सही दिशा, बेहतर प्रशिक्षण और प्रोत्साहन देने की। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं देते हुए बेहतर प्रदर्शन कर देश और झारखंड का नाम रोशन करने की कामना की।
पृथ्वी उरांव की लंबी छलांग हो या अनौखी कुमारी की बाधा दौड़ में रफ्तार, दोनों की सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, परिवार का विश्वास और प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन है। किसान परिवार से आने वाली इन दोनों बेटियों का हजारीबाग से निकलकर ब्राजील के अंतरराष्ट्रीय ट्रैक तक पहुंचना जिले की उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक है। अब दोनों खिलाड़ियों की नजर ब्राजील में शानदार प्रदर्शन कर देश और झारखंड का नाम रोशन करने पर है।
