हजारीबाग। हजारीबाग यूथ विंग के सदस्यों एवं उनके परिवारजनों ने शहर स्थित लक्ष्मी सिनेमा हॉल में सामूहिक रूप से ‘हनुमान अंश’ फिल्म का दर्शन किया। संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन के निर्देश एवं अध्यक्ष करण जायसवाल के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम भक्ति, परिवार और सामाजिक एकजुटता का सुंदर उदाहरण बना।
फिल्म देखने से पहले सभी सदस्य एवं परिवारजन सिनेमा हॉल के बाहर एकत्र हुए, जहां सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इसके बाद सीताराम के जयघोष के बीच सभी ने सिनेमा हॉल में प्रवेश किया और एक साथ बैठकर फिल्म का आनंद लिया। सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के कारण पूरे वातावरण में भक्तिमय माहौल बना रहा।
‘हनुमान अंश’ महान संत नीम करौली बाबा (नीब करौरी बाबा) के जीवन और भगवान श्रीहनुमान के प्रति उनके अटूट समर्पण पर आधारित फिल्म है। फिल्म में संत नीम करौली बाबा के जीवन के संघर्ष, साधना और उनसे जुड़ी चमत्कारों की मान्यताओं के साथ प्रेम, सेवा, मानवता तथा ईश्वर के प्रति समर्पण जैसे भावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। फिल्म के माध्यम से भक्ति और मानव सेवा को जीवन का महत्वपूर्ण आधार बनाने का संदेश भी दिया गया है।
फिल्म का भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डाल दी…’ भी दर्शकों के बीच विशेष रूप से भावपूर्ण रहा। सदस्यों एवं उनके परिवारजनों ने पूरी श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भावना के साथ फिल्म देखी तथा इसके संदेश की सराहना की।
इस अवसर पर हजारीबाग यूथ विंग के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ के बाद सभी ने पूरी भक्ति भावना और आनंद के साथ ‘हनुमान अंश’ फिल्म का आनंद लिया। ऐसे आयोजन युवाओं को भक्ति, संस्कार और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का सार्थक माध्यम हैं।
वहीं, संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि परिवारजनों और सदस्यों के साथ सामूहिक रूप से फिल्म देखना बेहद आनंददायक रहा। भक्ति, संस्कार और मनोरंजन का यह सुंदर संगम सभी के लिए यादगार रहा।
हजारीबाग यूथ विंग द्वारा आयोजित इस सामूहिक फिल्म दर्शन का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से युवाओं और परिवारों को एक साथ जोड़ना तथा प्रेम, सेवा, मानवता, भक्ति और संस्कार जैसे मूल्यों के प्रति सकारात्मक भाव जागृत करना भी था। फिल्म से पहले हुए सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ ने पूरे आयोजन को विशेष आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया।
