झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के आह्वान पर शनिवार को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम 2026 के विरोध में जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। इसी क्रम में सदर प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में भी झामुमो कार्यकर्ताओं ने धरना दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर संयोजक नवीन प्रकाश ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ झामुमो नेता निसार अहमद ने किया। जिला प्रवक्ता कुणाल यादव और महिला नेत्री श्वेता दूबे मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। धरने में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।
धरने को संबोधित करते हुए कुणाल यादव ने कहा कि पार्टी की नजर में संशोधित कानून से खनिज संपदा वाले राज्यों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड के कोयला, लौह अयस्क समेत अन्य खनिज देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और राज्य के वित्तीय एवं राजस्व अधिकारों की रक्षा जरूरी है।
श्वेता दूबे ने कहा कि खनिज संसाधनों का मुद्दा झारखंड की अस्मिता और भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि राज्य के अधिकारों को कमजोर करने वाले किसी भी प्रयास का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
निसार अहमद ने कहा कि झारखंड आंदोलन की बुनियाद जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की लड़ाई से जुड़ी रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से खनिज संपन्न राज्यों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।
नंदूवीर राम, बिक्रम रवि और छात्र नेता चंदन सिंह ने भी अपने संबोधन में राज्य के संसाधनों, युवाओं, मजदूरों और किसानों के हितों की रक्षा की बात कही। वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं से आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।
धरना समाप्त होने के बाद झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अंचल निरीक्षक के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम 2026 पर पुनर्विचार करने और झारखंड के खनिज एवं राजस्व अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। नेताओं ने कहा कि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
कार्यक्रम में कमाल कुरैशी, बीरबल मेहता, रंजीत राम, गुलाब मेहता, राकेश कुमार, बबलू चंद्रवंशी, रोहित रजक, राजेश यादव, पिंटू कुमार, खलील अंसारी, प्रकाश मेहता, भगवान राम, नवीन राम, बासुदेव राम, सनीचर भुइयाँ, अमृत राम, राहुल देव साहा, खुशबू देवी, बसंती देवी, निशा देवी, मुकेश कुमार, किशोर राम, बाबू विक्रम, धीरेंद्र दूबे, आनंद प्रकाश पांडेय, प्रेम राम, करिश्मा देवी, संगीता देवी, सीमा देवी, अफसाना खातून, भवंती देवी, जुलेखा खातून, गीता देवी, कंचन देवी, राहुल राणा, विकास कुमार, अभिषेक कुमार, अरशद खान, रोहित कुमार, प्रशांत कुमार, लालू यादव, अमरदीप कुमार, संजय साव, अमर कुमार, बसंत मिश्रा, शुभम कुमार, मुमताज, गोल्डन, अमानत हुसैन, सरवरी बानो और निखत परवीन समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
