हजारीबाग। जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से जिले के सभी प्रखंडों के उच्च विद्यालयों में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत 17 अगस्त से 21 अगस्त 2026 तक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। अभियान का उद्देश्य किशोरियों एवं किशोरों को स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, लैंगिक समानता और विभिन्न सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना रहा।
जागरूकता सत्र के दौरान किशोरियों को मासिक धर्म, उससे जुड़ी भ्रांतियों, मासिक धर्म स्वच्छता एवं प्रबंधन, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य, पोषण तथा स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। वहीं किशोरों के साथ नशीले पदार्थों एवं मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभाव और नशे की रोकथाम को लेकर संवाद किया गया। विद्यालय स्तर पर नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए वालंटियर का चयन भी किया गया।
कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, बाल विवाह मुक्त भारत और सखी वन स्टॉप सेंटर जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं एवं अभियानों की जानकारी दी गई। बालिकाओं को उनके अधिकार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, आत्मरक्षा, लैंगिक समानता तथा बाल विवाह की रोकथाम के प्रति जागरूक किया गया।
महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध हिंसा की स्थिति में सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से उपलब्ध कानूनी सहायता, चिकित्सीय सहायता, मनोसामाजिक परामर्श एवं अस्थायी आश्रय जैसी सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
अभियान के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों में अभिनव कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सेंटर फॉर कैटालाइजिंग चेंज, आदित्य कुमार शाही, नीति आयोग, संजीत कुमार पांडे, यूनिसेफ, विद्यालयों के शिक्षकगण तथा संबंधित पदाधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम के अंत में किशोरियों को शिक्षा को प्राथमिकता देने, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के प्रति सजग रहने, आत्मनिर्भर बनने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उठाकर सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित किया गया।
अधिकार, शिक्षा और सुरक्षा के प्रति जागरूक बेटी ही सशक्त समाज की मजबूत नींव बन सकती है।
