हजारीबाग: पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुबोध कांत सहाय शुक्रवार को हजारीबाग स्थित सर्किट हाउस पहुंचे। यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने झारखंड के खनिज संसाधनों, राज्य के अधिकारों, आर्थिक हितों और छात्र आंदोलन समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
सुबोध कांत सहाय ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि खनन क्षेत्र से मिलने वाली रॉयल्टी और उससे जुड़े अधिकारों में राज्य की भूमिका को कमजोर करना झारखंड के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि झारखंड देश के खनिज संपदा से समृद्ध राज्यों में शामिल है और यहां के प्राकृतिक संसाधनों पर राज्य के अधिकार एवं हितों की रक्षा जरूरी है।
उन्होंने कहा कि खनिज संपदा से होने वाले राजस्व और रॉयल्टी से जुड़े अधिकारों को सीमित करने का असर राज्य की आर्थिक स्थिति और विकास योजनाओं पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि झारखंड को कमजोर करने वाली किसी भी नीति का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
सुबोध कांत सहाय ने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों से होने वाली आय का लाभ झारखंड की जनता को मिलना चाहिए। इस आय का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में किया जाना चाहिए।
वहीं, रांची में विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं के मुद्दे पर भी उन्होंने समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। सरकार को छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ बातचीत कर जायज मांगों के समाधान की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को केवल आंदोलन या राजनीति के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना सरकार की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने छात्रों से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।
