आदिवासी समाज के मुद्दों को लेकर पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने डीसी से की मुलाकात

 


हजारीबाग। झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री बंधु तिर्की गुरुवार को हजारीबाग पहुंचे। इस दौरान आदिवासी एकता महाजुटान रैली के प्रवक्ता विक्की कुमार धान एवं संयोजक विजय सिंह भोक्ता ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मौके पर आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

विक्की कुमार धान ने कहा कि बंधु तिर्की लंबे समय से आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, सम्मान और अधिकार की लड़ाई को मजबूती से आवाज देते रहे हैं। हजारीबाग में आदिवासी समाज एवं विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन से उनकी मुलाकात समाज के लिए महत्वपूर्ण पहल है।

इसके बाद पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने प्रबुद्ध आदिवासी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ हजारीबाग के उपायुक्त से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने आदिवासी समाज से जुड़े कई ज्वलंत एवं लंबित मामलों को प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखा और उनके शीघ्र समाधान की मांग की।

मुलाकात के दौरान हजारीबाग आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास में 500 बेड के नए छात्रावास के निर्माण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बड़ी संख्या में आदिवासी विद्यार्थी ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आकर शिक्षा प्राप्त करते हैं। ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से युक्त पर्याप्त क्षमता वाले छात्रावास का निर्माण विद्यार्थियों के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।

इसके अलावा के.बी. महिला कॉलेज की आदिवासी छात्राओं की पेयजल समस्या एवं बाउंड्री से जुड़े मामले को भी गंभीरता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सुविधाओं को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की।

वहीं, सदर प्रखंड के हरहद पंचायत के दोनों रेशाम क्षेत्र के आदिवासी छात्र-छात्राओं के जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र का मामला भी प्रमुखता से सामने आया। बताया गया कि 100 से अधिक आदिवासी विद्यार्थियों के प्रमाण पत्र लंबित हैं। खतियान उपलब्ध नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में आदिवासी परिवारों को भी प्रमाण पत्र बनवाने में प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बैठक में आदिवासी परिवारों से जुड़े बंदोबस्ती मामलों सहित समाज के अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।

पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों से जुड़े मामलों में प्रशासन को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करना चाहिए। विद्यार्थियों एवं जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं और अपने अधिकारों का लाभ लेने के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सरल और प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।

उन्होंने जिला प्रशासन से सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर संज्ञान लेते हुए शीघ्र, निष्पक्ष एवं सकारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आदिवासी समाज की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा। शिक्षा, अधिकार, सम्मान और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

इस दौरान आदिवासी एकता महाजुटान रैली के हजारीबाग संयोजक विजय सिंह भोक्ता, सह संयोजक मरियम कुजूर, रीना लिंडा, सुशील उडेया, छोटेलाल कारमाली एवं गोवर्धन गंझू सहित अन्य लोग उपस्थित थे।