हजारीबाग में शहरी व्यवस्था को लेकर उपायुक्त की सख्ती, अवैध भवनों पर कार्रवाई के निर्देश


हजारीबाग:
उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में नगर निगम क्षेत्र की वर्तमान नगरीय व्यवस्था और संचालित कार्यों की समीक्षा को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था, जल निकासी, भवन निर्माण, अतिक्रमण, स्ट्रीट लाइट, पार्किंग, वेंडिंग जोन समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

बरसात के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में जलजमाव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने जलजमाव वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर प्रभावी जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बिना समुचित ड्रेनेज व्यवस्था के किए जा रहे निर्माण कार्यों पर नियमानुसार कार्रवाई करने को भी कहा गया।

उपायुक्त ने बहुमंजिला और अन्य भवनों के निर्माण की समीक्षा करते हुए बिना स्वीकृत नक्शे तथा नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए भवनों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। ऐसे भवन मालिकों को नोटिस जारी करने को कहा गया।

उन्होंने निर्देश दिया कि नगर निगम क्षेत्र के सभी प्रतिष्ठान, व्यावसायिक भवन, बहुमंजिला इमारत और निर्माणाधीन भवन सात दिनों के भीतर भवन चित्र, भूमि प्रतिवेदन, अग्निशमन यंत्र से संबंधित दस्तावेज, पार्किंग और वाहनों के आगमन-निर्गमन की व्यवस्था सहित आवश्यक दस्तावेज नगर निगम कार्यालय में प्रस्तुत करें। दस्तावेज नहीं देने वालों के खिलाफ भवन उपविधि और नगर निगम अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की भी हुई समीक्षा

बैठक में शहरी क्षेत्र में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने चिकित्सकों, दवाइयों और मानव संसाधन की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि डॉक्टर और आवश्यक मानव संसाधन के अभाव में इन स्वास्थ्य केंद्रों का अपेक्षित उपयोग नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने एएनएम, जीएनएम, चिकित्सक और मेडिकल ऑफिसर के रिक्त पदों के विरुद्ध विज्ञापन प्रकाशित कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया, ताकि शहरी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

पार्किंग और वेंडिंग जोन पर भी जोर

शहर में सड़कों पर बेतरतीब पार्किंग से उत्पन्न जाम की समस्या को देखते हुए उपायुक्त ने व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया। साथ ही वेंडिंग जोन के विकास और उसके संचालन से संबंधित पूरी कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा।

उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों और नगर निगम के अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने तथा नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं करने का निर्देश दिया। प्रमुख मार्गों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए 15 दिनों के भीतर कार्ययोजना का प्रस्ताव सौंपने को भी कहा गया।

बैठक में नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता, उप नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त, सिटी मैनेजर, टाउन प्लानर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।