उपायुक्त हेमंत सती ने विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का किया निरीक्षण, बच्चों की देखभाल एवं सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

 


उपायुक्त हेमंत सती ने मंगलवार को मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत संचालित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान (Specialised Adoption Agency-SAA), सृजन फाउंडेशन, हजारीबाग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्थान में रह रहे बच्चों की देखभाल, स्वास्थ्य, सुरक्षा, पोषण, आधारभूत सुविधाओं एवं मानव संसाधन की स्थिति का विस्तृत अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त को बताया गया कि संस्थान में वर्तमान में सात बच्चे आवासित हैं, जबकि इसकी कुल आवासीय क्षमता दस बच्चों की है। संस्थान में शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों के लिए दो आवासीय कक्ष, डाइनिंग हॉल, रसोईघर, स्टोर रूम, कार्यालय, स्टाफ रूम एवं विजिटर कक्ष सहित आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

उपायुक्त ने संस्थान में कार्यरत समन्वयक, सामाजिक कार्यकर्ता, नर्स, सुरक्षा गार्ड एवं आया की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की तथा बच्चों की देखभाल में किसी प्रकार की कमी नहीं होने देने का निर्देश दिया। उन्होंने संस्थान में रह रहे बच्चों की व्यक्तिगत स्थिति एवं उनके पुनर्वास एवं दत्तक ग्रहण से संबंधित प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने बच्चों के भोजन एवं पोषण संबंधी व्यवस्था की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि छोटे बच्चों को आयु के अनुरूप दूध, शिशु आहार एवं अन्य आवश्यक पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है, जबकि बड़े बच्चों को निर्धारित भोजन तालिका के अनुसार संतुलित एवं पौष्टिक भोजन दिया जाता है। सभी बच्चों को नियमित रूप से दूध भी उपलब्ध कराया जाता है।
उपायुक्त ने बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए नियमित स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। उन्हें बताया गया कि बच्चों की स्वास्थ्य जांच विशेषज्ञ चिकित्सक की देखरेख में कराई जाती है तथा सभी बच्चों का नियमित टीकाकरण सुनिश्चित किया जाता है।
संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने सीसीटीवी निगरानी प्रणाली एवं अन्य सुरक्षा प्रबंधों का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए संस्थान में आठ सीसीटीवी कैमरे स्थापित हैं।

निरीक्षण के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों ने मिशन वात्सल्य योजना के तहत संस्थान के संचालन एवं बच्चों के रखरखाव से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी भी उपायुक्त को उपलब्ध कराई।