हजारीबाग के दाल-भात केंद्रों का औचक निरीक्षण, तीन केंद्रों से मांगा गया स्पष्टीकरण

 


उपायुक्त हेमन्त सती के निर्देशानुसार जिला आपूर्ति पदाधिकारी, हजारीबाग द्वारा शनिवार को शहरी क्षेत्र में संचालित विभिन्न दाल-भात केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी दाल-भात योजना के तहत लाभुकों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था का जायजा लेना था।

निरीक्षण के दौरान नया बस स्टैंड स्थित दाल-भात केंद्र में साफ-सफाई की कमी पाई गई तथा केंद्र पर योजना संबंधी बैनर भी नहीं लगा हुआ मिला। वहीं, पुराना बस स्टैंड स्थित दाल-भात केंद्र में भी बैनर अनुपस्थित पाया गया। इस संबंध में पूछे जाने पर केंद्र संचालिका ने बताया कि रात के समय अज्ञात लोगों द्वारा बैनर उखाड़कर ले जाया जाता है। इस पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने केंद्र संचालिकाओं को केंद्र परिसर में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने तथा बैनर के स्थान पर स्थायी पेंट अथवा सूचना बोर्ड लगाने का निर्देश दिया।
सदर अस्पताल स्थित दाल-भात केंद्र के निरीक्षण में प्रतिदिन भोजन करने वाले लाभुकों का पंजी (रजिस्टर) उपलब्ध नहीं पाया गया। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने संबंधित संचालिका को आवश्यक अभिलेख संधारित करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के उपरांत नया बस स्टैंड, पुराना बस स्टैंड एवं सदर अस्पताल स्थित तीनों दाल-भात केंद्रों से स्पष्टीकरण पूछते हुए निर्देश दिया गया कि चार दिनों के भीतर सरकार द्वारा निर्धारित सभी मानकों के अनुरूप आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें। साथ ही, सुधार होने तक इन तीनों केंद्रों के आवंटन में कटौती किए जाने का निर्देश दिया गया।
वहीं, शहरी क्षेत्र के शेष दाल-भात केंद्रों,आश्रय गृह, मटवारी एवं कल्लू चौक के निरीक्षण में केंद्रों का संचालन संतोषजनक पाया गया। सभी केंद्रों में उपलब्ध भोजन की गुणवत्ता भी अच्छी पाई गई।
जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (शहरी) को सभी दाल-भात केंद्रों का नियमित एवं सघन निरीक्षण करने का निर्देश दिया, ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को और अधिक सुदृढ़ एवं व्यवस्थित बनाया जाएगा। समय-समय पर सभी केंद्रों का निरीक्षण किया जाएगा तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लाभुकों को सरकार द्वारा निर्धारित दर पर स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण एवं मानक अनुरूप भोजन उपलब्ध हो।