हजारीबाग में कला के माध्यम से व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तरंग ग्रुप, हजारीबाग द्वारा आयोजित 5-दिवसीय निःशुल्क नाटक एवं नृत्य कार्यशाला का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। कार्यशाला में लगभग 50 प्रतिभागी अभिनय, नृत्य एवं मंचीय कला का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। कार्यक्रम में समाज, संस्कृति एवं कला जगत से जुड़े कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि समाजसेवी बटेश्वर प्रसाद मेहता ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने और युवाओं के व्यक्तित्व को निखारने का सशक्त माध्यम है। ऐसे प्रशिक्षण शिविर युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।
विशिष्ट अतिथि एवं सदर कला एवं संस्कृति विधायक प्रतिनिधि सुबोध सिन्हा ने कहा कि हजारीबाग की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाने में तरंग ग्रुप लगातार सराहनीय कार्य कर रहा है। स्थानीय प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण पहल है और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को हरसंभव सहयोग मिलेगा।
आर्ट एंड कल्चरल ट्रस्ट के अध्यक्ष राम किशोर सावंत ने कहा कि भारतीय रंगमंच और लोक संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर हैं। नई पीढ़ी को इनसे जोड़ने का यह प्रयास हजारीबाग की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
कार्यशाला में नृत्य प्रशिक्षण प्रसिद्ध प्रशिक्षक सुनील कुमार सोनी तथा अभिनय प्रशिक्षण रंगकर्मी एवं निर्देशक दीपक झा द्वारा दिया जाएगा। प्रशिक्षकों ने बताया कि प्रतिभागियों को मंच अनुशासन, भावाभिव्यक्ति, शारीरिक नियंत्रण, संवाद अदायगी तथा आधुनिक एवं लोक नृत्य की विभिन्न विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
तरंग ग्रुप, हजारीबाग के निदेशक अमित कुमार गुप्ता ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल कलाकार तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे जागरूक और संवेदनशील युवा तैयार करना है जो कला के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें। उन्होंने बताया कि यह कार्यशाला युवाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है तथा भविष्य में संस्था और भी बड़े सांस्कृतिक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगी।
संस्था के कोषाध्यक्ष मनोज कुमार ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्था अधिक से अधिक युवाओं को कला एवं संस्कृति से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि उनकी प्रतिभा को उचित मंच मिल सके।
कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के सदस्य अगस्त, ऋषि, अमित, लक्ष्मी, मेघा, गुलशन सहित अन्य स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यशाला में बड़ी संख्या में युवा कलाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आगामी पाँच दिनों तक नाटक, नृत्य, मंच संचालन, व्यक्तित्व विकास एवं रचनात्मक गतिविधियों का प्रशिक्षण प्राप्त करने के प्रति उत्साह व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि यह कार्यशाला हजारीबाग की सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा देने के साथ-साथ अनेक नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करेगी। पूरे कार्यक्रम का संचालन सौहार्दपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
