हजारीबाग/रांची। कला, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय सांस्कृतिक संस्था तरंग ग्रुप, हजारीबाग के कलाकारों को झारखंड के प्रसिद्ध नागपुरी लोकगायक एवं पद्मश्री सम्मान से अलंकृत महावीर नायक द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान रांची में कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग, झारखंड सरकार द्वारा आयोजित जगन्नाथ महोत्सव-2026 में उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुति एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े प्रभावशाली संदेश के लिए प्रदान किया गया।
महोत्सव के दौरान तरंग ग्रुप ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित एक विशेष नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की, जिसे धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती तथा 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूर्ण होने के गौरवपूर्ण अवसर को समर्पित किया गया। प्रस्तुति के माध्यम से कलाकारों ने झारखंड की धरती, जल, जंगल और प्रकृति के संरक्षण के साथ-साथ राष्ट्रप्रेम एवं देशभक्ति का प्रेरणादायी संदेश दिया।
नृत्य-नाटिका में भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष, प्रकृति और जल-जंगल-जमीन के प्रति उनके समर्पण को केंद्र में रखते हुए वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। कलाकारों ने नृत्य, अभिनय और संगीत के सशक्त समन्वय से यह संदेश दिया कि जंगल और प्रकृति केवल जीवन का आधार ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर हैं।
प्रस्तुति में 'वंदे मातरम्' की भावना को भी पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रप्रेम से जोड़ा गया। मातृभूमि के प्रति प्रेम, प्रकृति के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय एकता का संदेश दर्शकों के दिलों तक पहुंचा। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय और सांस्कृतिक प्रस्तुति ने पूरे सभागार को भाव-विभोर कर दिया तथा दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर पद्मश्री महावीर नायक ने कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने युवा कलाकारों से झारखंड की लोकभाषा, लोकगीत, लोकनृत्य और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया तथा समाज और संस्कृति के प्रति उनकी जिम्मेदारी की प्रशंसा की।
तरंग ग्रुप के निदेशक अमित कुमार गुप्ता ने पद्मश्री महावीर नायक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके हाथों सम्मान प्राप्त करना संस्था और सभी कलाकारों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि तरंग ग्रुप हमेशा से कला और संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता के लिए कार्य करता रहा है। बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर को पर्यावरण संरक्षण के संदेश से जोड़कर प्रस्तुत की गई यह नृत्य-नाटिका नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति, राष्ट्र और प्रकृति के प्रति जागरूक करने का एक प्रयास है।
उन्होंने कहा कि धरती आबा बिरसा मुंडा का जीवन हमें प्रकृति और अपनी धरती की रक्षा करने की प्रेरणा देता है। इसी संदेश को मंच पर जीवंत करते हुए कलाकारों ने बिरसा मुंडा के संघर्ष, 'वंदे मातरम्' की राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण को एक सूत्र में पिरोकर दर्शकों के सामने एक भावपूर्ण एवं संदेशपरक प्रस्तुति दी। इस प्रस्तुति ने न केवल झारखंड की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया, बल्कि समाज को 'पेड़ बचाओ, प्रकृति बचाओ और देश बचाओ' का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।
तरंग ग्रुप ने बताया कि संस्था भविष्य में भी कला, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण और युवा प्रतिभाओं के विकास जैसे विषयों पर कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी तथा कला के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास जारी रखेगी।
प्रमुख कलाकारों में अमित कुशवाहा, पूजा कृति, वर्षा कुमारी, लक्ष्मी यादव, राखी कुमारी, मेघा राज, चांदनी कुमारी, संजना कुमारी, दीप ज्योति, सुप्रिया सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
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