उपायुक्त हेमन्त सती के निर्देशानुसार पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने हजारीबाग जिले के सभी 16 प्रखंडों में पेयजल स्रोतों की व्यापक गुणवत्ता जांच सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। पूर्व में सभी जल सहियाओं के माध्यम से पेयजल स्रोतों से नमूने एकत्र कर उनकी जांच कराई गई थी, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट अब जिला प्रशासन को सौंप दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार जिले के 16 प्रखंडों में कार्यरत 494 जल सहियाओं के सहयोग से कुल 15,529 पेयजल नमूनों की जांच की गई। इस दौरान pH, टर्बिडिटी, कुल कठोरता, क्लोराइड, क्षारीयता, अवशिष्ट क्लोरीन, आयरन, नाइट्रेट, फ्लोराइड, अमोनिया, फॉस्फेट एवं सल्फेट सहित विभिन्न मानकों पर पानी की गुणवत्ता का परीक्षण किया गया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार जिले का औसत pH 6.95, टर्बिडिटी 2.1 NTU, कुल कठोरता 211 mg/l, क्लोराइड 20 mg/l, आयरन 0.23 mg/l, नाइट्रेट 5 mg/l तथा फ्लोराइड 0.17 mg/l दर्ज किया गया। सभी नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए तथा किसी भी नमूने में दूषित जल का मामला सामने नहीं आया।
उपायुक्त हेमन्त सती ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। इसके लिए पेयजल स्रोतों की नियमित निगरानी, समय-समय पर गुणवत्ता परीक्षण तथा आवश्यकता पड़ने पर सुधारात्मक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
