हजारीबाग में सोहराई महिला कला विकास सहयोग समिति का उद्घाटन, 15 अगस्त पर उत्कृष्ट कलाकार होंगे सम्मानित


 मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड द्वारा संचालित सोहराई महिला कला विकास सहयोग समिति का उद्घाटन उपायुक्त श्री हेमन्त सती ने मंगलवार को दीपूगढ़ा स्थित संस्कृति म्यूजियम परिसर में किया। यह केंद्र जिले की पारंपरिक सोहराई एवं कोहबर कला के संरक्षण, संवर्धन तथा महिला कलाकारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।

उद्घाटन के उपरांत उपायुक्त ने केंद्र का अवलोकन किया तथा महिला कलाकारों द्वारा तैयार की गई सोहराई एवं कोहबर कला की विभिन्न कलाकृतियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कलाकारों के कौशल और सृजनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि हजारीबाग की पारंपरिक सोहराई एवं कोहबर कला विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। इन कलाओं के संरक्षण एवं व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जिला प्रशासन द्वारा सोहराई फेस्टिवल पखवाड़ा का आयोजन किया जाएगा, जिससे स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ बेहतर मंच उपलब्ध हो सके।

इस अवसर पर उपायुक्त ने महिला कलाकारों से केंद्र के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ली। कलाकारों ने केंद्र में नियमित विद्युत आपूर्ति, सोलर लाइट की व्यवस्था तथा केंद्र तक पहुंच मार्ग के निर्माण की आवश्यकता से अवगत कराया। इस पर उपायुक्त ने संबंधित प्रस्तावों पर सहमति व्यक्त करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

संस्कृति म्यूजियम का अवलोकन

कार्यक्रम के पश्चात उपायुक्त ने संस्कृति म्यूजियम का भ्रमण किया। उन्होंने पाषाण युग, पूर्व पाषाण युग तथा प्राचीन भारतीय सभ्यता के विकास को दर्शाने वाली दुर्लभ पुरातात्विक सामग्री का अवलोकन किया। इस दौरान संग्रहकर्ता गुस्ताफ इमाम ने उन्हें संग्रहालय में संरक्षित पुरावशेषों एवं उनके ऐतिहासिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी।

उपायुक्त श्री हेमन्त सती ने पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संग्रहण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हजारीबाग की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को व्यवस्थित रूप से संरक्षित और प्रदर्शित करने के लिए भविष्य में एक आधुनिक संग्रहालय की दिशा में भी कार्य किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी अपनी समृद्ध विरासत से परिचित हो सके।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर सोहराई एवं कोहबर कला से जुड़े उत्कृष्ट कलाकारों को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा, ताकि उनकी कला को प्रोत्साहन मिले और इस विरासत को नई पहचान मिल सके।