रथ यात्रा महोत्सव के अवसर पर गुरुवार को हजारीबाग के ऐतिहासिक सिलवार श्री जगन्नाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और जय जगन्नाथ के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा एवं भगवान बलभद्र के दर्शन और पूजन के लिए सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अमन कुमार अपनी धर्मपत्नी के साथ मंदिर पहुंचे और वैदिक रीति-विधान से भगवान श्री जगन्नाथ की विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने जिले में सुख-समृद्धि, शांति, सामाजिक सौहार्द एवं नागरिकों की खुशहाली की कामना की। इस दौरान सदर एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे। पूजा-अर्चना के उपरांत पुलिस अधीक्षक ने मंदिर परिसर, रथ यात्रा मार्ग एवं मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस पदाधिकारियों से सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी लेते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था को पूरी तरह व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। एसपी ने मुफस्सिल थाना प्रभारी मुकेश कुमार सिंह एवं सीसीआर डीएसपी को निर्देश दिया कि रथ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था पर लगातार पैनी नजर रखी जाए।
मुख्य मार्गों, मंदिर परिसर तथा संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने, बैरिकेडिंग को प्रभावी बनाए रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि रथ यात्रा भारतीय संस्कृति, आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है, जिसमें आमजन का सहयोग भी आवश्यक है। मंदिर प्रबंधन समिति ने पुलिस प्रशासन द्वारा की गई व्यापक सुरक्षा व्यवस्था एवं पुलिस अधीक्षक की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर प्रबंधन के कारण श्रद्धालु निर्भय होकर भगवान के दर्शन कर रहे हैं। रथ यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह, श्रद्धा और अनुशासन का वातावरण बना रहा।
