हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के हजारीबाग नगर अवस्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसबीएमसीएच) की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव को लेकर हजारीबाग संसदीय क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने गंभीर है। सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर गुरुवार को उनके संसदीय क्षेत्र के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह से उनके कार्यालय कक्ष में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की गंभीर लापरवाहियों और व्यवस्थागत कमियों को उजागर करते हुए एक शिकायती पत्र सौंपा। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह अस्पताल पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था की जीवनरेखा है, लेकिन वर्तमान में प्रबंधन की लापरवाही के कारण यहां आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में स्थापित एक पीएसए ऑक्सीजन प्लांट लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसके कारण मरीजों की जान पर बन आ रही है।
सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल के आपातकालीन और संवेदनशील ट्रॉमा सेंटर की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ट्रॉमा सेंटर को सिर्फ जूनियर डॉक्टरों के भरोसे छोड़ दिया जाता है, जिससे मरीजों को समय पर सही इलाज नहीं मिल पाता। उन्होंने अधीक्षक से मांग की कि ट्रॉमा सेंटर में चौबीस घंटे जूनियर रेजिडेंट्स के साथ एक सीनियर फिजिशियन और एक सीनियर सर्जन की तैनाती अनिवार्य की जाए, ताकि गंभीर मरीजों को बेवजह रेफर करने के चलन पर रोक लग सके। इसके साथ ही उन्होंने पोस्टमार्टम विभाग की विशेष मॉनिटरिंग की मांग की ताकि पीड़ितों को सही न्याय मिल सके। पत्र में आर्थोपेडिक वार्ड में चल रहे खेल को भी उजागर किया गया है, जहां बिना आयुष्मान कार्ड वाले मरीजों से इंप्लांट के नाम पर मनमानी रकम वसूली जा रही है। उन्होंने यहां जरूरत के इम्प्लांट का रेट चार्ट डिस्प्ले कराने का आग्रह किया। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने इस मनमानी वसूली पर तुरंत रोक लगाने और डॉक्टरों को अधिकतर सरकारी दवाएं ही पर्चे पर लिखने के सख्त निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
अस्पताल के भीतर चल रही प्रशासनिक शिथिलता पर सवाल उठाते हुए रंजन चौधरी ने बुनियादी सुविधाओं को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। उन्होंने बताया कि इस भीषण गर्मी में भी अस्पताल के वार्डों के एसी और पंखे खराब पड़े हैं। बिजली कटने पर जनरेटर सुचारू रूप से नहीं चलता और सोलर पैनल सिस्टम भी ठप्प है। बहुमंजिला भवनों में लिफ्ट खराब हैं और मरीज पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। पूरे ट्रॉमा सेंटर में सिर्फ एक वेंटिलेटर है, इसलिए ओल्ड और न्यू आईसीयू में तत्काल नए वेंटिलेटर स्थापित किए जाने की जरूरत है और इसे आपातकाल चलाने के लिए अलग से चिकित्सक और चिकित्सा कर्मी बहाल करने की आवश्यकता है। मरीजों की सहूलियत के लिए उन्होंने मेडिकल कॉलेज के सरकारी एम्बुलेंस ड्राइवरों के नंबर वार्डों में प्रदर्शित करने की मांग की।
सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी द्वारा उठाए गए इन तमाम गंभीर मुद्दों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह ने उन्हें आश्वस्त किया कि जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान कर व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा ।
