हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अति संवेदनशील नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) के बाहर रात्रि करीब 11:00 बजे के आसपास अचानक ऑक्सीजन पाइपलाइन से जम्बो सिलेंडर में लगाया गया पाइप फटने और उसमें आग लगने से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। इस भयानक हादसे के कारण पूरे एसएनसीयू की ऑक्सीजन सप्लाई पूरी तरह ठप्प हो गई, जिससे वहां भर्ती मासूम बच्चों और खासकर वेंटिलेटर पर मौजूद तीन शिशुओं की जान पर सीधा खतरा मंडराने लगा। इस आपातकालीन स्थिति को देख वहां मौजूद शिशुओं के परिजनों में कोहराम मच गया। इसी बीच वहां इलाजरत एक बच्चे के जागरूक परिजन जितेंद्र कुमार सिंह ने तुरंत इस गंभीर हादसे की सूचना हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल को दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने अद्वितीय तत्परता दिखाई और बिना वक्त गंवाए अपने लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी को तुरंत अस्पताल भेजकर स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया। इसके साथ ही सांसद मनीष जायसवाल ने खुद अस्पताल के एसएनसीयू में ड्यूटी पर तैनात महिला शिशु चिकित्सक से फोन पर बात कर हालात की गंभीरता को समझा और अपने प्रतिनिधि रंजन चौधरी को स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रबंधन से बात कर जरूरत पड़ने पर बच्चों की जीवनरक्षा के लिए उन्हें तत्काल शहर के किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट कराया जाए।
सांसद मनीष जायसवाल के इस मानवीय गंभीरता और संवेदनशील निर्देश के बाद उनके मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी तुरंत अस्पताल पहुंचे और उपाधीक्षक डॉ. राजकिशोर और शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष (एचओडी) डॉ. क्षितिज आनंद से संपर्क साधकर तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप का आग्रह किया। उपाधीक्षक डॉ. राजकिशोर की त्वरित पहल पर अस्पताल की तकनीकी सेल की टीम फौरन मौके पर पहुंची और सजग परिजन जितेंद्र कुमार सिंह के सक्रिय सहयोग से काफी मशक्कत के बाद फटे हुए ऑक्सीजन पाइप को बदलकर सप्लाई को दोबारा चालू किया गया। इस बीच घटना की भयावहता को देखते हुए शिशु रोग विभाग के एचओडी डॉ. क्षितिज आनंद भी खुद अस्पताल पहुंचे और बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर उन्होंने एहतियातन शहर के कई निजी अस्पतालों से बात कर बैकअप तैयार कर लिया था, लेकिन ऑक्सीजन पाइपलाइन के सफल रिपेयरिंग के बाद जब उन्होंने गहन जांच की, तो एसएनसीयू में ऑक्सीजन की सप्लाई को पूरी तरह सुचारू पाया जिससे बच्चों को शिफ्ट करने की नौबत नहीं आई।
इस पूरे हादसे के दौरान जब पाइपलाइन फटने के बाद स्पार्क और आग लगी तो उसे बुझाने के साहसिक प्रयास में अस्पताल के एक वार्ड बॉय का हाथ भी हल्का झुलस गया। यदि समय रहते इस आग पर काबू नहीं पाया जाता और सांसद मनीष जायसवाल अपनी संवेदनशीलता से सोए हुए अस्पताल प्रबंधन को नहीं जगाते, तो लापरवाही के कारण एक बहुत बड़ी और दर्दनाक दुर्घटना घट सकती थी जिससे कई मासूमों की जान जा सकती थी। मौके पर यहां पहुंचे सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण ही ऑक्सीजन पाइपलाइन का समय पर मेंटेनेंस और रख-रखाव नहीं किया जाता है, जिसके चलते इतनी बड़ी घटना घटी, हालांकि सही समय पर उठाए गए कदमों की वजह से आज एक भीषण त्रासदी होने से टल गई।
