शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर सांसद प्रतिनिधि ने नए प्राचार्य से की मुलाकात


हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर गुरुवार को उनके लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज पहुंचकर यहां के नए प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार वर्मा से मुलाकात की। पौधा भेंटकर उनका हजारीबाग में स्वागत किया। इस दौरान सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की गंभीर जनसमस्याओं और व्यवस्थागत कमियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए उनसे तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। रंजन चौधरी ने प्राचार्य से कहा कि लगातार प्रबंधकीय लापरवाही के कारण यहां इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने उनसे आग्रह किया कि अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर जैसे आपातकालीन और संवेदनशील स्थान पर जूनियर रेजिडेंट्स के साथ 24 घंटे सातों दिन सीनियर फिजिशियन और सीनियर सर्जन की ड्यूटी अनिवार्य रूप से लगाई जानी चाहिए, ताकि मरीजों को बेवजह रेफर न करना पड़े और उनका यहीं सुव्यवस्थित इलाज सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल के पोस्टमार्टम विभाग को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसकी रिपोर्ट सीधे न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करती है, इसलिए इस विभाग की विशेष मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और शवों का समय पर पोस्टमार्टम कराया जाए ताकि पीड़ित परिवारों को राहत और उचित न्याय मिल सके।

सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अन्य गंभीर समस्याओं पर प्राचार्य का ध्यान आकृष्ट कराते हुए अस्पताल में खराब पड़े एक पीएसए ऑक्सीजन प्लांट को अविलंब दुरुस्त कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने सरकारी स्तर से अस्पताल में मिलने वाली दवाइयों के स्थान पर डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवाइयां अधिक लिखे जाने की शिकायत की और इस पर रोक लगाने को कहा। इसके अलावा वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए उन्होंने विभिन्न वार्डों में खराब पड़े एसी, वॉटर कूलर और पंखों को अविलंब बनवाने की आवश्यकता पर बल दिया। इन तमाम विषयों को सुनने के बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार वर्मा ने सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी को आश्वस्त किया कि वे जल्द ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन के साथ  सवार्ता करेंगे और मरीजों के व्यापक हित में अस्पताल की व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ कराएंगे ताकि मरीजों और उनके परिजनों को तत्काल राहत मिल सके।