हजारीबाग में मातृ दिवस के अवसर पर हजारीबाग यूथ विंग के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने अपनी माता सुधारानी जैन के प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मां जीवन की सबसे बड़ी शक्ति होती है। मां केवल जन्म ही नहीं देती, बल्कि अपने संस्कार, त्याग, संघर्ष और स्नेह से व्यक्ति के पूरे जीवन को दिशा देने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि आज वे जिस भी स्थान पर हैं, उसमें उनकी माता के आशीर्वाद, मार्गदर्शन और संस्कारों की सबसे बड़ी भूमिका रही है।
चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि उनके जीवन में दो माताओं का विशेष महत्व है। पहली गौ माता और दूसरी उनकी मातृ शक्ति। उन्होंने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की पहचान हैं, जबकि मां वह शक्ति हैं, जिनके आशीर्वाद से व्यक्ति हर कठिन परिस्थिति का सामना करने में सक्षम बनता है। उन्होंने कहा कि मां का स्नेह और त्याग किसी भी शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। मां अपने बच्चों के लिए पूरी जिंदगी समर्पित कर देती है और कभी किसी प्रतिफल की अपेक्षा नहीं रखती।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है, लेकिन परिवार और संस्कारों की जड़ आज भी मां से ही जुड़ी हुई है। मां बच्चों को केवल पढ़ना-लिखना नहीं सिखाती, बल्कि समाज और परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी पाठ पढ़ाती है। उन्होंने कहा कि मां के दिए संस्कार ही व्यक्ति को समाज में सम्मान दिलाते हैं और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
गौरतलब है कि चंद्र प्रकाश जैन वर्तमान में हजारीबाग यूथ विंग के संरक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वे पूर्व में गौशाला के सचिव भी रह चुके हैं तथा कई वर्षों से विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं जनकल्याणकारी संगठनों से जुड़कर समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। शहर में सामाजिक गतिविधियों, धार्मिक आयोजनों और जनहित से जुड़े कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी लगातार देखी जाती रही है। इसके साथ ही वर्तमान समय में हजारीबाग शहर में बेहतर कंस्ट्रक्शन कार्यों के माध्यम से विकास की दिशा में भी वे अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मातृ दिवस के अवसर पर उन्होंने लोगों से अपने माता-पिता का सम्मान करने, बुजुर्गों की सेवा करने और परिवार के संस्कारों को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मां का स्थान इस संसार में सर्वोच्च है और मां के चरणों में ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति और सफलता छिपी होती है। मातृ दिवस केवल एक दिन नहीं, बल्कि मां के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।
