हजारीबाग में पहली बार जटिल हर्निया का सफल लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन, मरीज को मिली नई जिंदगी


हजारीबाग शहर के प्रतिष्ठित HZB Arogyam Super Speciality Hospital में आधुनिक चिकित्सा क्षेत्र में एक और बड़ी सफलता हासिल की गई है। अस्पताल के वरिष्ठ लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉक्टर बी. एन. प्रसाद ने बार-बार उभरने वाले जटिल हर्निया से पीड़ित एक मरीज का सफल ऑपरेशन कर उसे नई जिंदगी दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मरीज पहले 2 बार हर्निया का ऑपरेशन करा चुका था, लेकिन दोनों बार समस्या दोबारा सामने आ गई थी। ऐसे मामलों में तीसरी बार सर्जरी करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि पहले लगाए गए मेश (जाली) को निकालना पड़ता है, जिससे संक्रमण और अन्य जोखिम बढ़ जाते हैं।

मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टर बी. एन. प्रसाद ने पारंपरिक सर्जरी के बजाय आधुनिक लैप्रोस्कोपिक तकनीक अपनाई और IPOM तकनीक के माध्यम से इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस दौरान लगभग 15×15 सेंटीमीटर का विशेष मेश पेट के अंदर सुरक्षित रूप से लगाया गया, जिससे हर्निया की समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सका।

डॉक्टरों के अनुसार, इस तरह की उन्नत लैप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी हजारीबाग में पहली बार की गई है। अब तक ऐसे जटिल मामलों के लिए मरीजों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो गई है।

ऑपरेशन के बाद मरीज तेजी से स्वस्थ हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लैप्रोस्कोपिक तकनीक से कम दर्द, कम रक्तस्राव और जल्दी रिकवरी जैसे कई फायदे मिलते हैं।

अस्पताल के संस्थापक हर्ष अजमेरा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य हजारीबाग के लोगों को महानगरों जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। वहीं प्रशासक जया सिंह ने इसे पूरी टीम की मेहनत और समर्पण का परिणाम बताते हुए मरीजों की सुरक्षा और बेहतर इलाज को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

यह सफल सर्जरी न केवल अस्पताल बल्कि पूरे हजारीबाग के चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। उम्मीद है कि आने वाले समय में और भी जटिल ऑपरेशन अब शहर में ही संभव हो पाएंगे।