हजारीबाग में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील, मुन्ना सिंह ने रामनवमी घटनाओं पर जताया दुख


हजारीबाग सदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने शुक्रवार को चानो स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता आयोजित कर रामनवमी जुलूस के दौरान हुई हत्याओं, विष्णुगढ़ मामले और जिले के मौजूदा सामाजिक-राजनीतिक हालात पर विस्तार से अपनी बात रखी।

प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि समाज को बांटने की राजनीति किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। हजारीबाग जैसे शांतिप्रिय जिले को बदनाम करने की कोशिश दुर्भाग्यपूर्ण है। रामनवमी पर्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह सदियों से आस्था, परंपरा और मर्यादा के साथ मनाया जाता रहा है, लेकिन डीजे और शोर-शराबे की बढ़ती संस्कृति से धार्मिक आयोजनों की गरिमा प्रभावित हो रही है और अनावश्यक विवाद पैदा हो रहे हैं।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि दिखावे से बचते हुए संसाधनों का उपयोग शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे जरूरी क्षेत्रों में किया जाना चाहिए। हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने बताया कि वे पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर चुके हैं। बड़ा बाजार, ग्वालटोली निवासी स्वर्गीय अभिषेक कुमार के परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की, वहीं सिलवारकला गांव पहुंचकर स्वर्गीय प्रिंस कुमार के परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया।

मुन्ना सिंह ने कहा कि इन घटनाओं ने पूरे जिले को झकझोर दिया है और यह क्षति अपूरणीय है। उन्होंने प्रशासन से दोषियों की जल्द पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।

जिला प्रशासन की भूमिका पर संतोष जताते हुए उन्होंने कहा कि रामनवमी और दशमी जुलूस के दौरान बेहतर समन्वय और व्यवस्था देखने को मिली, जिसके लिए प्रशासन और मीडिया कर्मी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि अनुशासित और आकर्षक झांकियों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए, जिससे सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा मिलेगा।

राजनीतिक मुद्दों पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि पार्टी ने धार्मिक पर्व को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया, जो समाज के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि किसी भी दल को गलत आचरण करने वालों पर खुद कार्रवाई करनी चाहिए, न कि जनता को भ्रमित करना चाहिए।

विष्णुगढ़ मामले पर उन्होंने कहा कि दोषियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और उन्हें न्याय प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है, जबकि अम्बा मामले को उन्होंने निजी बताते हुए कोई टिप्पणी नहीं की।

अंत में उन्होंने कहा कि हजारीबाग की पहचान हमेशा से भाईचारे और सौहार्द की रही है, जिसे बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अफवाहों और भड़काऊ राजनीति से दूर रहने की अपील की और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।