हजारीबाग: माननीय मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह (ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग एवं पंचायती राज विभाग, झारखंड सरकार) की गरिमामयी उपस्थिति में उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के मुखियागण हेतु एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन बहुउद्देशीय परीक्षा भवन, विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग में किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायत स्तर पर सुशासन को सुदृढ़ करना, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना तथा जनप्रतिनिधियों की क्षमता संवर्धन करना था। अपने संबोधन में माननीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ग्राम एवं ग्रामीणों के समग्र विकास हेतु अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिन्हें धरातल पर उतारने में मुखियागण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि 318 करोड़ रुपये की राशि इस प्रमंडल की ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराई गई है तथा शेष राशि 31 मार्च तक उपलब्ध करा दी जाएगी।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए “ज्ञान केंद्र” योजना के अंतर्गत 928 केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां बेंच, डेस्क, पुस्तकें, कंप्यूटर एवं इंटरनेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि धनबाद जिला उत्कृष्ट कार्य करते हुए एक मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है, जिससे अन्य जिलों को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। माननीय मंत्री ने बताया कि पंचायतों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु प्रत्येक पंचायत को 15,000 रुपये प्रतिमाह उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें। उन्होंने गर्मी को देखते हुए सभी मुखियागण से जल जीवन मिशन के तहत प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया, ताकि किसी भी ग्रामीण को जल संकट का सामना न करना पड़े।
माननीय मंत्री ने यह भी अवगत कराया कि राज्य बजट का 34 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं एवं बच्चों के लिए आवंटित किया गया है। साथ ही पंचायत केंद्रों एवं पंचायत भवनों में आधार कार्ड निर्माण सहित विभिन्न जनोपयोगी सेवाएं प्रारंभ करने की दिशा में विभाग कार्यरत है।
इस अवसर पर निदेशक, पंचायती राज विभाग, झारखंड सरकार, श्रीमती राजेश्वरी बी ने कहा कि पंचायतों का सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के बीच सुदृढ़ समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मुखियागण से आह्वान किया कि आवंटित राशि का पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख उपयोग करते हुए स्वच्छता, हेल्प डेस्क, शुद्ध पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
सम्मेलन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखिया प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। ताकि इससे प्रेरित होकर सभी मुख्यागण अपने-अपने ग्राम पंचायतों में बेहतर कार्य कर सके।पी०ए०आई०-2.0 के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में चयनित प्रतिनिधियों में गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका गाँव के लिए कथरीना हाँसदा (अरमो, बेरमो, बोकारो) एवं कविता सिंह (गिद्दी ए, डाड़ी, हजारीबाग), स्वस्थ गाँव के लिए उषा देवी (गिद्दी बी, डाड़ी, हजारीबाग), बाल हितैषी गाँव के लिए सुरेश कुमार महतो (लईयो उत्तरी, माण्डू, रामगढ़), जल पर्याप्त गाँव के लिए दीपिका देवी (बांधडीह उत्तरी, जरीडीह, बोकारो), स्वच्छ एवं हरित गाँव के लिए अनीता सोरेन (अंगवाली दक्षिणी, पेटरवार, बोकारो), आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा हेतु कौशर खान (जयनगर पूर्वी, जयनगर, कोडरमा), सामाजिक रूप से सुरक्षित गाँव के लिए चन्दा देवी (मीरपुर, हण्टरगंज, चतरा), सुशासन वाला गाँव के लिए श्यामदेव यादव (काको, चन्दवार, कोडरमा) तथा महिला हितैषी गाँव के लिए अमित कुमार (पीहरा पश्चिमी भाग, गाँवा, गिरीडीह) को माननीय मंत्री एवं निदेशक, पंचायती राज विभाग, झारखंड सरकार द्वारा पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
वहीं इनोवेटिव थीम के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कुमारी माधुरी (खैरा, टाटीझरिया, हजारीबाग), सीमा सिंह (मेरु, हजारीबाग सदर, हजारीबाग), सीमा कुमारी (तमाय, जयनगर, कोडरमा), पुष्पा कुमारी (थाम, चंदवारा, कोडरमा), पूजा कुमारी (केदला मध्य, माण्डू, रामगढ़), रेखा देवी (बारलौग, रामगढ़ सदर, रामगढ़), काकोली मुखर्जी (अगरकुंड उत्तरी, अगरकुंड, धनबाद), पिंकी देवी (मंदरामो पूर्वी, सरैया, गिरीडीह), उर्मिला देवी (अरजूआ, पेटरवार, बोकारो) एवं शाहजहाँ खातुन (हंसाबाटू, चास, बोकारो) को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही स्वच्छ पंचायत के लिए कुमारी अनीता यादव (गंधरिया, चतरा) तथा जल पर्याप्त पंचायत के लिए अरविन्द सिंह (धनगड्डा, टण्डवा, चतरा) को भी पुरस्कृत किया गया।
इसके अतिरिक्त जल जीवन मिशन के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों ने अपने अनुभव एवं विचार सभी के समक्ष साझा किए, ताकि अन्य मुखियागण भी अपने-अपने ग्राम पंचायतों में बेहतर कार्य करने हेतु प्रेरित हो सकें। कार्यक्रम के अंत में माननीय मंत्री एवं निदेशक, पंचायती राज विभाग द्वारा विभिन्न स्टोल का निरीक्षण भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान माननीय विधायक हजारीबाग, प्रमंडल स्तरीय जिला परिषद अध्यक्ष, उप विकास आयुक्त हजारीबाग संग अन्य उपस्थित रहें।
