हजारीबाग में सामूहिक विवाह को लेकर बयानबाजी तेज, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी का अंबा प्रसाद पर तीखा पलटवार


पूर्व विधायक अंबा प्रसाद द्वारा लगाए गए आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल के हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने कहा है कि पूर्व विधायक अंबा प्रसाद 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे' वाली कहावत को चरितार्थ कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामूहिक विवाह जैसे पवित्र और सामाजिक सरोकार के बड़े आयोजन की अभूतपूर्व सफलता और सांसद मनीष जायसवाल की बढ़ती लोकप्रियता उन्हें पच नहीं रही है, इसलिए वे अब अनर्गल प्रलाप पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि खुद पूर्व जनप्रतिनिधि होकर इस प्रकार की बचकानी बयानबाजी करना और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं अनुचित है। हकीकत यह है कि इस विवाह समारोह में बेटियों को दिए जाने वाले उपहारों को सबसे पहले 'दहेज' का नाम खुद पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने दिया था और उनके ऐसे भ्रामक बयान सोशल मीडिया पर पहले से ही प्रसारित हैं। अब जब वे अपनी ही बातों में घिर गई हैं, तो अपनी खीझ मिटाने के लिए वे शब्दों का मायाजाल बुनकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही हैं। जबकि सांसद मनीष जायसवाल ने उनके द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों पर प्रेस-वार्ता कर जवाब दे चुके हैं ।

सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने आगे कहा कि उपहार और दहेज के बीच का अंतर सांसद मनीष जायसवाल को समझाने की जरूरत नहीं है, बल्कि पूर्व विधायक को आत्मचिंतन करना चाहिए कि आखिर क्यों वे एक नेक सामाजिक कार्य को कलंकित करने पर तुली हुई हैं। कानून की दुहाई देने वाली अंबा प्रसाद शायद यह भूल गई हैं कि स्वेच्छा से किया गया कन्यादान और बेटियों को सम्मानपूर्वक भेंट देना हमारी भारतीय समृद्ध परंपरा का हिस्सा है, जिसे वे जानबूझकर अपराध की श्रेणी में खड़ा कर रही हैं। एक महिला होने के नाते उन्हें गरीब बेटियों के घर बसने की खुशी होनी चाहिए थी, लेकिन इसके विपरीत वे इसे अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का जरिया बना रही हैं। विकास की बात करने वाले कांग्रेसी नेताओं का दोहरा चरित्र अब जनता के सामने आ चुका है। सच तो यह है कि 'मिसरी लगी छुरी' वाला व्यवहार कांग्रेस की पुरानी नीति रही है, जो ऊपर से मीठी बातें करते हैं लेकिन अंदर से समाज को बांटने और विकास कार्यों में बाधा डालने का काम करते हैं। हजारीबाग की जागरूक जनता जानती है कि कौन उनके सुख-दुख में साथ खड़ा है और कौन केवल मीडिया और सोशल मीडिया पर तथ्यों को तोड़ मरोड़कर अपनी राजनीति चमका रहें है।

रंजन चौधरी ने कहा कि सांसद मनीष जायसवाल ने यह भी स्पष्ट किया है कि हर भाई अपनी बहनों को चाहे वह गरीब हो या अमीर, स्नेहपूर्वक भेंट और उपहार देकर विदा करते हैं। यह हमारी संस्कृति, संस्कार और पारिवारिक परंपरा का हिस्सा है। लेकिन जिनकी राजनीति भ्रम और भटकाव पर आधारित हो वह ऐसी पवित्र भावना का मूल्य नहीं समझ सकते। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक पुण्य सामाजिक आयोजन को भी राजनीतिक चश्मे से देखने का प्रयास किया जा रहा है। यह उन सैकड़ो गरीब एवं जरूरतमंद बहनों के अधिकारों और सम्मान के विरुद्ध सोंची-समझी साजिश प्रतीत होती है। गरीबों के हित में किए जा रहे कार्यों को रोकने और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने की ऐसी मानसिकता कि मैं कड़ी निंदा करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि सांसद मनीष जायसवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि सामाजिक समरसता और जरूरतमंद बहनों के सम्मान का यह कार्य निरंतर चलता रहेगा ।