नमो आहार केंद्र में जरूरतमंद लोगों के बीच बांटा गया तरबूज



नमो आहार केंद्र में जरूरतमंद लोगों के बीच बांटा गया तरबूज

क्षेत्र के किसानों की दर्द को महसूस करते हुए समाजसेवी श्रद्धानंद सिंह ने दिखाई दरियादिली

डेढ़ क्विंटल तरबूज खरीदकर सदर विधायक के मानवतापूर्ण कार्य को प्रदान किया बल

किसानों के सहयोग के साथ भूखे लोगों को विपदा के समय फलाहार कराना समाज के लिए अनुसरणीय सोच- मनीष
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कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लंबे समय से चल रहे लॉकडाउन के चलते धरतीपुत्र किसानों की परेशानी नितदिन बढ़ते जा रही है। किसान अपने पैदावार को ना तो बाजार तक पहुंचा पा रहे हैं और ना ही उन्हें उचित कीमत मिल रही है। वर्तमान वर्ष हजारीबाग जिले के विभिन्न प्रखंडों के किसानों द्वारा तरबूज की खेती व्यापक स्तर पर की गई है। ऐसे में तरबूज की खेती करने वाले किसानों के समक्ष इसे बेच नहीं पाने और उचित कीमत नहीं मिलने की समस्या उन्हें परेशान कर रही है। हजारीबाग के समाजसेवी श्रद्धानंद सिंह ने किसानों के इस दर्द को ना सिर्फ महसूस किया बल्कि उनके दर्द को मिटाने का भी सकारात्मक प पहल शुरू किया है। सदर प्रखंड अवस्थित जुलजुल क्षेत्र के एक किसान के सैकड़ों एकड़ भूमि पर उपजाए गए करीब डेढ़ क्विंटल तरबूज को उन्होंने खरीद कर गुरुवार को मानव सेवा में जुटे सदर विधायक मनीष जायसवाल को भेंट किया। विधायक श्री जायसवाल ने इससे अपने कार्यालय परिसर में संचालित नमो आहार केंद्र के माध्यम से यहां भोजन प्राप्त करने आने वाले लोगों के बीच बंटवाना शुरू भी कर दिया। मौके पर सदर विधायक मनीष जायसवाल ने इस पुनीत और मानवता पूर्ण कार्य के लिए अपने मित्र सह समाजसेवी श्रद्धानंद सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया साथ ही उन्होंने कहा कि इस पहल से उनकी दोहरी सकारात्मक नियत साफ दिखती है। एक तो उन्होंने तरबूज खरीद कर किसान को फायदा पहुंचाया और उनका मनोबल बढ़ाया वहीं दूसरी ओर भूखे और जरूरतमंदों को इसका सेवन करा कर अपनी दरियादिली और मानवता दिखाई। विधायक श्री जायसवाल ने बताया कि आपदा की इस घड़ी में सभी वर्ग को परेशानी हो रही है। ऐसे विकट परिस्थिति में किसानों और भूखे जरूरतमंद लोगों के हित में श्रद्धानंद सिंह का यह प्रयास जहां समाज को मानवता का संदेश देता है वहीं समाज के सक्षम लोगों को ऐसे कार्यों के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने यह भी बताया की तरबूज गर्मी के दिनों में प्यास की अधिकता से मुक्ति दिलाती है व इसके सेवन से लू का प्रकोप कम होता है और बेचैनी से भी रक्षा होती करती है ।