हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में डेढ़ साल से आंखों का ऑपरेशन बंद, खराब पड़ा है माइक्रोस्कोप

 


हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नेत्र विभाग में पिछले डेढ़ साल से माइक्रोस्कोप खराब पड़ा है। इसके कारण मार्च 2025 से मोतियाबिंद समेत आंखों की सभी तरह की सर्जरी बंद हैं। हैरानी की बात है कि अस्पताल में तीन नेत्र सर्जन पदस्थापित हैं, लेकिन जरूरी उपकरण नहीं होने से मरीजों को ऑपरेशन की सुविधा नहीं मिल पा रही है।

पहले चतरा सदर अस्पताल से माइक्रोस्कोप मंगाकर कुछ महीने तक काम चलाया गया था, लेकिन वहां नेत्र सर्जन की नियुक्ति के बाद उपकरण वापस ले लिया गया। इसके बाद से मरीजों को निजी अस्पतालों या रिम्स जाना पड़ रहा है।

मामले को लेकर सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर उनके मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने बुधवार को सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार से मुलाकात कर नया माइक्रोस्कोप खरीदने की मांग की। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और उपायुक्त हेमंत सती को भी ट्वीट कर समस्या से अवगत कराया।

रंजन चौधरी के अनुसार, अस्पताल में लगा माइक्रोस्कोप करीब 20 साल पुराना है और अब उसकी मरम्मत संभव नहीं है। पहले यहां हर महीने 50 से अधिक मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन होता था। निजी अस्पतालों में इस ऑपरेशन पर करीब 35 से 40 हजार रुपये तक खर्च आते हैं। ऐसे में सरकारी अस्पताल की सुविधा बंद होने से गरीब और बुजुर्ग मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।

इस अस्पताल में हजारीबाग के अलावा कोडरमा, रामगढ़, चतरा, गिरिडीह और बोकारो के मरीज भी इलाज और सर्जरी के लिए पहुंचते रहे हैं। रंजन चौधरी ने उपायुक्त से आग्रह किया है कि स्वास्थ्य विभाग में बजट की समस्या होने पर डीएमएफटी मद से नया माइक्रोस्कोप उपलब्ध कराया जाए, ताकि जल्द से जल्द आंखों की सर्जरी दोबारा शुरू हो सके।