आर्थिक तंगी नहीं रोक सकी IAS बनने का सपना, सांसद मनीष जायसवाल ने किसान की बेटी ममता की दो साल की कोचिंग का उठाया खर्च


आर्थिक परेशानी किसी मेधावी विद्यार्थी के सपनों के आड़े न आए, इसके लिए हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने एक बार फिर मदद का हाथ बढ़ाया है। बड़कागांव प्रखंड के गोंदलपुरा गांव की रहने वाली ममता कुमारी आईएएस बनना चाहती हैं। उन्होंने हिंदी विषय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की है और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए चाणक्या आईएएस एकेडमी की डेमो क्लास में हिस्सा लिया था। लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कोचिंग जारी रखना उनके लिए मुश्किल हो रहा था।

ममता की परेशानी की जानकारी सांसद मनीष जायसवाल को मिली, जिसके बाद उन्होंने उनकी मदद करने का निर्णय लिया। सांसद ने ममता का चाणक्या आईएएस एकेडमी में दाखिला कराया और दो वर्षों की पूरी कोचिंग का खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली है।

ममता के पिता प्रमोद महतो किसान हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी को पढ़ाने और आगे बढ़ाने का सपना देखा। अब सांसद के सहयोग से ममता को आईएएस की तैयारी के लिए बेहतर अवसर मिल गया है।

कोचिंग में नामांकन के बाद मंगलवार सुबह ममता अपने पिता के साथ हजारीबाग स्थित सांसद सेवा कार्यालय पहुंचीं। यहां उन्होंने सांसद मनीष जायसवाल को पुष्पगुच्छ भेंट कर आभार जताया। ममता ने कहा कि आर्थिक परेशानी के कारण आगे की पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो रहा था, लेकिन सांसद के सहयोग से अब उन्हें आईएएस की तैयारी करने का अवसर मिला है। वह पूरी मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास करेंगी।

वहीं, सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि “अगर पंख आपके हुनर के हैं तो उड़ान भरने का हौसला हम देंगे।” उन्होंने कहा कि अत्यंत जरूरतमंद और मेधावी छात्र-छात्राओं को लक्ष्य हासिल करने में आर्थिक कठिनाई आती है तो एक जनप्रतिनिधि के रूप में वे यथासंभव सहयोग करते रहे हैं और आगे भी ऐसे विद्यार्थियों के सपनों को पूरा करने में सहयोग करते रहेंगे।

ममता के लिए यह सहयोग सिर्फ कोचिंग की फीस तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक मजबूरी के बीच आईएएस बनने के उसके सपने को एक नई उम्मीद भी मिली है।