हजारीबाग में दुर्गा पूजा की धूम, मटवारी गांधी मैदान से डिस्ट्रिक्ट मोड़ तक उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़


 हजारीबाग। शारदीय दुर्गा पूजा के अवसर पर हजारीबाग में चारों ओर उत्साह और भक्ति का माहौल है। महासप्तमी के दिन मां दुर्गा के पट खुलते ही शहर के विभिन्न पूजा पंडालों और मेलों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। आकर्षक सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी और भव्य पंडाल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। शहर के मटवारी गांधी मैदान और डिस्ट्रिक्ट मोड़ स्थित पूजा स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली।

मटवारी स्थित गांधी मैदान में भव्य पूजा पंडाल और मेले की रौनक लोगों को आकर्षित कर रही है। यहां हजारीबाग के अलावा दूसरे क्षेत्रों से भी लोग पूजा देखने पहुंच रहे हैं। इस बार पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले से आया एक परिवार भी यहां दुर्गा पूजा का आनंद ले रहा है। परिवार की महिला सदस्य ने बताया कि वे हर साल पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा मनाते थे, लेकिन इस बार पहली बार हजारीबाग में पूजा देखने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि बंगाल की दुर्गा पूजा अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन हजारीबाग में भी पंडाल और मेले का आयोजन काफी सुंदर तरीके से किया गया है।

परिवार की वरिष्ठ सदस्य स्वर्णलता पाल ने बताया कि वे सभी हजारीबाग घूमने आए हैं और यहां दुर्गा पूजा देखकर उन्हें काफी अच्छा लगा। उन्होंने सभी के सुख, शांति और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दीं।

वहीं, शहर के प्रमुख चौराहों में शामिल डिस्ट्रिक्ट मोड़ यानी जिला परिषद चौक स्थित दुर्गा पूजा स्थल पर भी भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। पूजा समिति के अनुसार, यहां वर्ष 1958 से लगातार दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। इस बार पूजा स्थल पर बेहतर लाइटिंग और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। पूजा समिति के अध्यक्ष ने बताया कि सभी के सहयोग से शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से पूजा संपन्न कराने का प्रयास किया जा रहा है।

डिस्ट्रिक्ट मोड़ पूजा स्थल से जुड़े नागेश्वर मेहता, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय कुशवाहा क्षत्रिय महासभा एवं खतियानी परिवार, ने कहा कि डिस्ट्रिक्ट मोड़ हजारीबाग का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने बताया कि पहले यहां तिरपाल के नीचे पूजा की शुरुआत हुई थी, जबकि अब प्राचीन वृक्ष के नीचे पक्के मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने नगर आयुक्त और महापौर से मंदिर निर्माण तथा पूजा स्थल की व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग करने की अपील की, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस केंद्र का और विकास हो सके।

समाजसेवी एवं पर्यावरण संरक्षक त्रिवेणी सर ने बताया कि वे वर्ष 1990 से इस पूजा स्थल से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की कृपा से उन्हें समाजसेवा, हजारीबाग झील की सफाई और शहर के पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने मां से प्रार्थना की कि समाजसेवा और स्वच्छता के कार्यों को जारी रखने की शक्ति मिलती रहे।

हजारीबाग में दुर्गा पूजा का यह उत्सव धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रहा है। शहर के विभिन्न पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं का उत्साह और लोगों की भागीदारी पर्व की रौनक को और बढ़ा रही है।