हजारीबाग। त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले 108 एंबुलेंस कर्मियों की लंबित समस्याओं का समाधान करने की मांग उठी है। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग से एंबुलेंस कर्मियों की मांगों पर जल्द ठोस पहल करने की अपील की है।
रंजन चौधरी ने कहा कि 108 एंबुलेंस कर्मी दिन-रात आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की मदद करते हैं। सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के दौरान मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका होती है। इसके बावजूद, उनके अनुसार, कर्मचारियों को अपने हक और अधिकारों के लिए चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान सड़क दुर्घटनाओं और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत बढ़ सकती है। ऐसे में एंबुलेंस कर्मियों की समस्याओं का समाधान करना सरकार और स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि आम लोगों को समय पर जीवनरक्षक एंबुलेंस सेवा मिल सके।
रंजन चौधरी ने कर्मचारियों के वेतन, ईपीएफ, ईएसआई, ओवरटाइम और अन्य लंबित मांगों का उल्लेख करते हुए कहा कि बार-बार आश्वासन देने के बजाय अब ठोस निर्णय लेकर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों के भी परिवार हैं और उनकी आर्थिक एवं कार्य संबंधी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि एक ओर उन्नत चिकित्सा तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर एंबुलेंस सेवाओं की उपलब्धता और संचालन से जुड़ी चुनौतियों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि 108 एंबुलेंस कर्मियों की जायज मांगों के समर्थन में राज्य सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। कर्मचारियों को उनके अधिकारों के अनुरूप सुविधाएं मिलनी चाहिए और त्योहारों के दौरान आम जनता के लिए एंबुलेंस सेवा निर्बाध रूप से जारी रहनी चाहिए।
रंजन चौधरी ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से अपील की कि कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर एंबुलेंस सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में एंबुलेंस कर्मी जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद की किरण होते हैं और उनके अधिकारों की रक्षा करना भी जनसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
