खाद्य प्रतिष्ठानों में औचक जांच, औद्योगिक रंग वाली सामग्री और अवमानक रसगुल्ले नष्ट


हजारीबाग, 05 सितंबर।
उपायुक्त हेमंत सती एवं अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, हजारीबाग डॉ. शशि जायसवाल के निर्देश पर शनिवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने हजारीबाग शहर के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों एवं ठेला संचालकों के यहां औचक निरीक्षण किया।

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, हजारीबाग-01 मंजर हुसैन के नेतृत्व में टीम ने हुरहुरू क्षेत्र में स्वामी विवेकानंद स्कूल के समीप संचालित गुपचुप-चाट के ठेले की जांच की। जांच के दौरान खाद्य सामग्री में औद्योगिक रंग के उपयोग की पुष्टि होने पर संबंधित खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया। साथ ही संचालक को आवश्यक निर्देश दिए गए।

इसके बाद टीम ने जे.सी. फोनेक्स, श्याम मार्ट, विकास चाउमिन एवं बोरा सिंह समोसा दुकान सहित अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। बोरा सिंह समोसा दुकान में जांच के दौरान अवमानक रसगुल्ले पाए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।

भ्रामक दावों वाले खाद्य उत्पादों की भी हुई जांच

संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर टीम ने खाद्य उत्पादों पर किए जा रहे भ्रामक दावों एवं जानकारी की भी जांच की। खाद्य कारोबारियों को ऐसे उत्पादों की बिक्री और भंडारण तत्काल रोकने तथा संबंधित कंपनी या निर्माता को उत्पाद वापस लेने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा भ्रामक दावों के कारण 100 से अधिक खाद्य उत्पादों की बिक्री एवं भंडारण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाए जाने की जानकारी भी कारोबारियों को दी गई। इनमें रेड बुल, स्टिंग, मॉन्स्टर, कैंपा एनर्जी ड्रिंक, किंडर जॉय चॉकलेट, लाटे चोको पाई, पतंजलि मिल्क बिस्कुट, रेमन नूडल्स, सफोला टोटल हार्ट प्रो मल्टी-सोर्स कुकिंग ऑयल और बिसलेरी एडेड मिनरल वाटर सहित अन्य उत्पाद शामिल हैं।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान प्रतिबंधित अथवा भ्रामक दावों वाले उत्पाद पाए जाने पर संबंधित खाद्य प्रतिष्ठान के संचालक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की सुसंगत धाराओं के तहत विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा टीम ने सभी खाद्य कारोबारियों से खाद्य सामग्री की गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने, प्रतिबंधित एवं अवमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री या भंडारण नहीं करने तथा उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता देने की अपील की।

निरीक्षण दल में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, हजारीबाग-02 अम्ब्रीश पांडे, विकास शर्मा एवं सूरज कुमार शामिल थे।