मुख्यमंत्री पशुधन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर उपायुक्त हेमन्त सती ने दिए निर्देश


हजारीबाग, 02 सितंबर:
उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय सभागार में पशुपालन विभाग एवं गव्य विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री पशुधन योजना की अद्यतन स्थिति सहित विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री पशुधन योजना के बेहतर एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गंभीर है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों की आजीविका को सुदृढ़ करने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और पात्रता का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया।

उन्होंने कुक्कुट पालन, ब्रॉयलर-लेयर, सुकर पालन, बत्तख पालन, गाय पालन सहित पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए लाभुकों का चयन प्रखंड स्तरीय समिति के माध्यम से सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ केवल योग्य एवं पात्र लाभुकों को ही मिले और चयन प्रक्रिया की गंभीरता से निगरानी की जाए।

उपायुक्त ने कहा कि ऐसे लाभुकों को प्राथमिकता दी जाए, जो योजना के तहत पशुपालन के लिए स्वयं इच्छुक हों और प्राप्त परिसंपत्ति का बेहतर उपयोग कर सकें। उन्होंने लाभुकों का उचित सत्यापन करते हुए यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक एवं जरूरतमंद पशुपालकों तक पहुंचे।

बैठक के दौरान विभिन्न योजनाओं की प्रगति, लाभुकों के चयन एवं क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।

इसके अलावा उन्होंने पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं तथा मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से पशु चिकित्सा सेवा के लिए टोल फ्री नंबर 1962 का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक पशुपालक इस सुविधा का लाभ उठा सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं और पशु चिकित्सा सेवाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर जागरूकता गतिविधियां संचालित करने को भी कहा।

बैठक में पशुपालन पदाधिकारी अरुण प्रताप सिंह, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी, संबंधित विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।