भादो अमावस्या पर राणी सती मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 13 सुहागिन महिलाओं ने की महाआरती


 हजारीबाग। शहर के मालवीय मार्ग स्थित राणी सती मंदिर में भादो अमावस्या के अवसर पर भक्ति, आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रातःकाल मंगला आरती के साथ ही मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। दादी के अलौकिक श्रृंगार, पाटा पूजन एवं विशेष पूजा-अर्चना में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और दादी के दरबार में माथा टेककर सुख-समृद्धि, शांति एवं परिवार के मंगल की कामना की।

दिनभर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। फूलों से सजे मंदिर, घी के दीपों की जगमगाहट और गूंजते ‘जय दादी की’ के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा मंदिर परिसर दादी की भक्ति में डूब गया हो।

संध्या बेला में आयोजित भादो अमावस्या महाआरती आयोजन का विशेष आकर्षण रही। पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में सजी 13 सुहागिन महिलाओं ने हाथों में दीपों की थाली लेकर श्रद्धा एवं समर्पण के साथ दादी की महाआरती की। महाआरती करने वाली महिलाओं में शारदा खण्डेलवाल, नम्रता अग्रवाल, अमिता बुबना, पूजा मुनका, सीमा मुनका, दीप्ति मुनका, शोभा मुनका, शिखा मुनका, मीता बगड़िया, सुमन अग्रवाल, शिखा झुनझुनवाला, सुमन चौधरी एवं सारिका कंचन शामिल रहीं।

एक साथ प्रज्वलित दीपों की आभा और आरती के दौरान गूंजते भक्ति गीतों ने मंदिर परिसर को अलौकिक बना दिया। महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं की आंखों में आस्था और चेहरे पर भक्ति का भाव स्पष्ट दिखाई दिया।

महाआरती के उपरांत देर शाम तक दादी भक्त भजनों पर झूमते रहे। मंदिर परिसर में गूंजते भक्ति गीतों और ‘जय दादी की’ के जयकारों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक हो उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दादी के चरणों में शीश नवाकर श्रद्धा अर्पित की और परिवार के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

मंदिर कमेटी के अध्यक्ष फतेहचंद मुनका ने कहा कि राणी सती दादी की असीम कृपा और भक्तों की श्रद्धा से यह आयोजन प्रत्येक वर्ष नई ऊंचाइयों को छू रहा है। दादी का दरबार लोगों को आपस में जोड़ने, संस्कारों को सहेजने और समाज में आध्यात्मिक चेतना का संचार करने का माध्यम बन चुका है।

वहीं, मंदिर कमेटी के सचिव रमेश टिबड़ेवाल ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। दादी के दरबार में आने वाला प्रत्येक भक्त अपने साथ आस्था, शांति और सकारात्मक ऊर्जा लेकर लौटता है।

आयोजन को सफल बनाने में मंदिर कमेटी के सदस्यों एवं दादी भक्तों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। भादो अमावस्या महाआरती के साथ राणी सती मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में भव्य रूप से संपन्न हुआ।