हजारीबाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के इमरजेंसी सेंटर (ट्रॉमा) में प्रतिदिन दर्जनों सड़क दुर्घटना, चोट और गंभीर अवस्था में मरीज पहुंचते हैं। ऐसे मरीजों के प्राथमिक उपचार एवं ड्रेसिंग के दौरान जहां मरीजों को बेहतर और सुरक्षित चिकित्सा सुविधा मिलना जरूरी है, वहीं उनके उपचार में लगे ड्रेसर और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
इसी को लेकर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल प्रबंधन से ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत ड्रेसर एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर में कई बार ऐसे मरीज आते हैं जिनके घाव से अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा होता है। मरीज की बीमारी या संक्रमण की स्थिति तत्काल स्पष्ट नहीं होती। ऐसे में ड्रेसिंग के दौरान स्वास्थ्यकर्मी सीधे रक्त और शरीर के अन्य द्रव्यों के संपर्क में आ सकते हैं। इससे एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी सहित अन्य रक्तजनित संक्रमणों का खतरा बना रहता है।
रंजन चौधरी ने मांग की कि ट्रॉमा सेंटर में ड्रेसर के लिए डिस्पोजेबल ग्लव्स, स्टेराइल ग्लव्स, मास्क, गाउन/एप्रन, आई प्रोटेक्शन या फेस शील्ड सहित आवश्यक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण पर्याप्त मात्रा में हमेशा उपलब्ध रहें। साथ ही इस्तेमाल की गई सुई एवं अन्य धारदार मेडिकल सामग्री के सुरक्षित निस्तारण के लिए निर्धारित शार्प्स कंटेनर की भी पर्याप्त व्यवस्था हो।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक मरीज की ड्रेसिंग में संक्रमण नियंत्रण के मानकों का पालन किया जाना चाहिए तथा उपकरणों की उचित सफाई, डिसइंफेक्शन और आवश्यकता के अनुसार स्टरलाइजेशन सुनिश्चित होना चाहिए। ड्रेसर एवं ट्रॉमा सेंटर के कर्मचारियों को स्टैण्डर्ड प्रिकॉशन और नीडल स्टिक इंजरी से बचाव के संबंध में नियमित प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए।
रंजन चौधरी ने विशेष रूप से हैपेटाइटिस-बी के टीकाकरण की व्यवस्था स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मरीज की जान बचाने के लिए दिन-रात सेवा देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी अस्पताल प्रशासन की है।
