सहकारिता सम्मेलन 2026 का समापन, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने किसानों और सहकारी समितियों को सशक्त बनाने का दिया संदेश

 


आज 7 जुलाई को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा आयोजित सहकारिता सम्मेलन 2026 के तहत विनोबा भावे विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में समापन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की माननीय मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की शामिल हुईं।

अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि सहकारिता समाज के सभी वर्गों के समग्र विकास का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया के कई राज्यों में सहकारिता के माध्यम से विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं और झारखंड में भी इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सभी को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, पशुपालकों एवं ग्रामीण समुदाय को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सहकारिता आंदोलन को लगातार सशक्त कर रही है। उन्होंने सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को सहकारिता से जोड़ने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभुकों एवं सहकारी समितियों के बीच परिसंपत्तियों और प्रमाण-पत्रों का वितरण किया गया। झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के माध्यम से चयनित किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत ऋण स्वीकृति पत्र और चेक प्रदान किए गए। वहीं दो बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट (BC) को POS मशीनें भी उपलब्ध कराई गईं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच और मजबूत होगी।

सहकारिता विभाग के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली पैक्स समितियों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा झारक्रोफेड एवं झारकोफिश के माध्यम से लाभुकों को विभिन्न परिसंपत्तियां, उपकरण और सहायता सामग्री वितरित की गई। दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को निबंधन प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।

मंत्री ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधि नहीं बल्कि सामाजिक और सामुदायिक विकास का प्रभावी माध्यम है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और किसानों एवं उत्पादकों की आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

मत्स्य सहयोग समितियों को मिली परिसंपत्तियां

झारकोफिश योजना के तहत राज्य की 5 मत्स्य सहयोग समितियों को परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। हजारीबाग, बोकारो और चतरा की 3 समितियों को 7.18 लाख रुपये की लागत से अस्थायी कार्यालय शेड, टेबल, कुर्सी, अलमारी, कंप्यूटर, प्रिंटर और सोलर लाइट उपलब्ध कराई गई। वहीं कोडरमा और रामगढ़ की 2 समितियों को 3-3 लाख रुपये की लागत से FRP बोट (बिना आउटबोर्ड मोटर) प्रदान की गई, जिससे मत्स्य पालन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

539 किसानों को मिला KCC ऋण

झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 539 किसानों को 3.81 करोड़ रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण वितरित किया गया है। राज्य सरकार की ब्याज अनुदान योजना के तहत समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को 0% ब्याज दर पर KCC का लाभ मिल रहा है। कार्यक्रम में प्रतीकात्मक रूप से 6 किसानों को 1-1 लाख रुपये के KCC स्वीकृति पत्र एवं चेक प्रदान किए गए।

वनोपज में AI के उपयोग पर हुआ प्रस्तुतीकरण

समापन समारोह में "वनोपज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग" विषय पर सीआईआई लीड, आईएसबी हैदराबाद की श्रीमती कामिनी सिंह ने प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें बताया गया कि AI की सहायता से वनोपज का आकलन, संग्रहण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और प्रभावी विपणन की बेहतर योजना बनाई जा सकती है। साथ ही भंडारण, कार्यशील पूंजी और अन्य संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन कर वनाधारित आजीविका को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम के समापन पर जिला सहकारिता पदाधिकारी श्री मनोज कुमार ने कहा कि उपायुक्त के मार्गदर्शन एवं निर्देश पर सहकारिता सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया।

समारोह में माननीय विधायक बरही श्री मनोज यादव, माननीय विधायक मांडू श्री निर्मल महतो, माननीय विधायक रामगढ़ श्रीमती ममता देवी, उपायुक्त श्री हेमन्त सती, निबंधक सहयोग समिति श्री शशि रंजन, निदेशक कृषि श्री विद्यानंद शर्मा, जिला मत्स्य पदाधिकारी श्री प्रदीप कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी श्री मनोज कुमार सहित जनप्रतिनिधि, सहकारी समितियों के प्रतिनिधि, किसान, पशुपालक एवं बड़ी संख्या में लाभुक उपस्थित रहे।