उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) मद अंतर्गत स्वीकृत विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एनआरईपी, जिला परिषद, भवन प्रमंडल एवं विशेष प्रमंडल द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25, 2025-26 एवं 2026-27 के तहत स्वीकृत योजनाओं की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों के कनीय अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे कार्यस्थल पर नियमित रूप से उपस्थित रहकर संवेदकों द्वारा कराए जा रहे कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। यदि किसी संवेदक द्वारा मानक के अनुरूप कार्य नहीं किया जाता है, तो उसका आचरण प्रमाण पत्र (Performance Certificate) निर्गत नहीं किया जाए।
उपायुक्त ने वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की लंबित योजनाओं को हर हाल में 15 अगस्त 2026 तक पूर्ण करने का निर्देश दिया। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्वीकृत योजनाओं को 26 जनवरी 2027 तक पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित करते हुए सभी विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में नए आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि सभी नए आंगनवाड़ी भवनों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली एवं तड़ित चालक (Lightning Arrester) का अधिष्ठापन अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि भवन पर्यावरणीय दृष्टि से टिकाऊ एवं सुरक्षित बन सकें।
उपायुक्त ने कहा कि वे स्वयं क्षेत्र भ्रमण के दौरान विभिन्न प्रखंडों में संचालित डीएमएफटी योजनाओं का निरीक्षण एवं समीक्षा करेंगे। उन्होंने सभी कार्यपालक अभियंताओं एवं संबंधित अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति पर सतत निगरानी रखते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह, प्रशिक्षु आईएएस सुश्री पूर्वा अग्रवाल,जिला योजना पदाधिकारी श्री पंकज कुमार तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित थे।
