शीर्षक: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में आर्थो सर्जरी ठप, मरीजों की परेशानी पर सांसद मनीष जायसवाल ने लिया संज्ञान


 हजारीबाग: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल के आर्थोपेडिक वार्ड में भर्ती मरीज पिछले 8 से 10 दिनों से ऑपरेशन का इंतजार कर रहे हैं, जबकि पिछले दो दिनों से सर्जरी पूरी तरह ठप होने से मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ गई है।

मामले की जानकारी मिलने पर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने इसे गंभीरता से लेते हुए अपने सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी को तत्काल अस्पताल पहुंचकर वस्तुस्थिति की जानकारी लेने और समाधान का प्रयास करने का निर्देश दिया।

सांसद के निर्देश पर रंजन चौधरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के अधीक्षक के अवकाश पर रहने के कारण उन्होंने डिप्टी सुप्रिटेंडेंट डॉ. राजकिशोर से मुलाकात की और मरीजों की स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई दिनों से भर्ती मरीजों का ऑपरेशन नहीं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि जल्द सर्जरी शुरू नहीं हुई तो मरीजों के परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट सकता है, जिसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की होगी।

रंजन चौधरी ने यह भी कहा कि यदि अस्पताल आर्थोपेडिक मरीजों का समुचित इलाज करने में सक्षम नहीं है तो उन्हें अनावश्यक रूप से भर्ती कर कष्ट नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि गंभीर दर्द से जूझ रहे मरीजों को दूसरी मंजिल तक चढ़कर वार्ड में भर्ती होना पड़ता है और कई दिनों तक ऑपरेशन का इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनकी पीड़ा और बढ़ रही है।

वार्ता के दौरान सामने आया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत हुए ऑपरेशनों में इंप्लांट सप्लायर का बकाया भुगतान नहीं होने के कारण सप्लायर ने इंप्लांट की आपूर्ति बंद कर दी है। इसी वजह से गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों की सर्जरी प्रभावित हो रही है।

इस पर रंजन चौधरी ने डिप्टी सुप्रिटेंडेंट से आग्रह किया कि प्रशासनिक बाधाओं को दूर कर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि इंप्लांट की आपूर्ति बहाल हो और आयुष्मान योजना के लाभार्थियों की सर्जरी शीघ्र शुरू हो सके।

डिप्टी सुप्रिटेंडेंट डॉ. राजकिशोर ने आश्वासन दिया कि वे इस संबंध में अधीक्षक से शीघ्र चर्चा करेंगे और मरीजों के हित में जल्द समाधान निकालकर सर्जरी को पुनः सुचारू कराया जाएगा।