हजारीबाग बनेगा शूटिंग स्पोर्ट्स का नया हब, सांसद मनीष जायसवाल ने अत्याधुनिक फायरिंग रेंज बनाने की पहल की


हजारीबाग में शूटिंग खेल की अपार संभावनाओं को देखते हुए इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने महत्वपूर्ण पहल की है। शुक्रवार देर शाम उन्होंने हजारीबाग डिस्ट्रिक्ट राइफल एसोसिएशन के नीलेंदु जयपुरियार, महासचिव सुगोतो रॉय, कोषाध्यक्ष, प्रशिक्षक सह राष्ट्रीय शूटर रिद्धि गुप्ता एवं रोहित सिंह के साथ विस्तृत बैठक कर जिले में शूटिंग खेल के विकास और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा की।

बैठक के दौरान एसोसिएशन के महासचिव ने सांसद मनीष जायसवाल को बताया कि हजारीबाग में बच्चों और युवाओं का शूटिंग खेल के प्रति रुझान लगातार बढ़ रहा है। पिछले तीन वर्षों में एसोसिएशन ने अपने संसाधनों से 10 मीटर शूटिंग के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की राइफल और पिस्टल की खरीद की है। साथ ही खिलाड़ियों के बेहतर प्रशिक्षण हेतु कई मैनुअल टारगेट तथा एक इलेक्ट्रॉनिक टारगेट भी स्थापित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में 25 मीटर और 50 मीटर फायरिंग रेंज उपलब्ध नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को अभ्यास एवं प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए रांची, देवघर अथवा आसनसोल जाना पड़ता है। इससे खिलाड़ियों को आर्थिक एवं समय संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि यह सुविधा हजारीबाग में उपलब्ध हो जाए तो न केवल जिले, बल्कि आसपास के कई जिलों के खिलाड़ियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।

सांसद मनीष जायसवाल ने एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि हजारीबाग प्रमंडलीय मुख्यालय में शीघ्र ही अत्याधुनिक फायरिंग रेंज विकसित करने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी। इसके निर्माण के बाद हजारीबाग केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां जोनल एवं राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिताओं का भी सफल आयोजन संभव हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य हजारीबाग को शूटिंग खेल का एक प्रमुख हब बनाना है। इसके लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि जिस तरह शूटिंग और तीरंदाजी में झारखंड के खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है, उसे देखते हुए इन दोनों खेलों का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश एवं राज्य का गौरव बढ़ा सकें