हजारीबाग: झारखंड के नगर निकाय चुनाव परिणामों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के हजारीबाग जिला प्रवक्ता कुणाल यादव ने विस्तृत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “शहरी निकाय चुनाव में खुद को अजेय मानने वाली भाजपा को इस बार जनता ने स्पष्ट संदेश दे दिया है। शहरों ने बता दिया है कि अब केवल दावे और प्रचार नहीं, काम और जवाबदेही चलेगी।
उन्होंने कहा कि 48 शहरी निकायों में महापौर और अध्यक्ष पदों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की सीमित सफलता इस बात का प्रमाण है कि शहरी मतदाता अब पहले की तरह एकतरफा समर्थन देने के मूड में नहीं हैं। “नौ नगर निगमों में भाजपा समर्थित प्रत्याशी सिर्फ रांची, आदित्यपुर और मेदिनीनगर तक सिमट गए। वहीं गिरिडीह और देवघर जैसे महत्वपूर्ण नगर निगमों में पहली बार झामुमो समर्थित प्रत्याशियों की जीत ने यह साबित कर दिया कि जनता बदलाव चाहती थी ।
कुणाल यादव ने कहा कि नगर परिषद और नगर पंचायतों में भी झामुमो समर्थित उम्मीदवारों का सशक्त प्रदर्शन पार्टी की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है। “यह केवल सीटों की गणित नहीं है, बल्कि विश्वास की राजनीति है। जनता ने उन ताकतों को आगे बढ़ाया है जो जमीनी मुद्दों पर काम करने और संवाद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं,” उन्होंने जोड़ा।
भाजपा पर तीखा कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि “शहरों को अपना स्थायी गढ़ मानने वाली राजनीति अब हकीकत से सामना कर रही है। जनादेश खिसक रहा है क्योंकि जनता उम्मीदों और वादों के बीच का फर्क समझ चुकी है।
अंत में कुणाल यादव ने कहा कि झामुमो इस जनसमर्थन को जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाएगा। “हमारा लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि शहरों में पारदर्शी प्रशासन, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और युवाओं, महिलाओं व व्यापारियों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है। शहरी झारखंड में जनहित की राजनीति को और सशक्त करना ही हमारी प्राथमिकता रहेगी।”
