गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ी, आम लोगों का बजट बिगड़ा: कुणाल यादव


हजारीबाग। घरेलू रसोई गैस की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रवक्ता कुणाल यादव ने केंद्र सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस के दाम बढ़ाकर केंद्र सरकार ने पहले से महंगाई की मार झेल रही आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।

कुणाल यादव ने कहा कि रसोई गैस आज हर घर की अनिवार्य जरूरत बन चुकी है। ऐसे में इसकी कीमत में बार-बार बढ़ोतरी होने से मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार इजाफा हुआ है, जिससे आम लोगों के लिए रसोई चलाना मुश्किल होता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण रसोई गैस पर मिलने वाली सब्सिडी भी लगभग समाप्त हो चुकी है। ऐसे में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के सामने भी गैस सिलेंडर भरवाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। कई जगहों पर गरीब परिवार गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के कारण दोबारा लकड़ी और अन्य पारंपरिक ईंधन का सहारा लेने को मजबूर हो रहे हैं।

कुणाल यादव ने कहा कि सरकार को महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, लेकिन इसके विपरीत आम लोगों की जरूरत की चीजों के दाम बढ़ाए जा रहे हैं। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है।

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि घरेलू रसोई गैस की बढ़ाई गई कीमतों को अविलंब वापस लिया जाए और गैस पर सब्सिडी व्यवस्था को फिर से प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, ताकि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत मिल सके।

झामुमो प्रवक्ता ने कहा कि सरकार को आम जनता की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए ऐसे फैसलों पर पुनर्विचार करना चाहिए, ताकि महंगाई से जूझ रही जनता को कुछ राहत मिल सके।