
जागता झारखंड संवाददाता नेमो हजारीबाग : हजारीबाग नगर निगम महापौर चुनाव 2026 की मतगणना प्रक्रिया को लेकर प्रत्याशी सरफराज अहमद ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त, हजारीबाग से पुनर्गणना (रिकाउंटिंग) कराने की औपचारिक मांग की है। 27 फरवरी 2026 को संपन्न हुए चुनाव की मतगणना के दौरान कई बिंदुओं पर निष्पक्षता और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए उन्होंने विस्तृत आवेदन सौंपा है। आवेदन में कहा गया है कि कुछ टेबलों पर मतपत्रों की गणना में पारदर्शिता का अभाव दिखाई दिया। हॉल-1 के टेबल नंबर 13 पर काउंटिंग कर्मियों द्वारा कथित रूप से गलत गणना किए जाने का आरोप लगाया गया, जिसे गणन अभिकर्ता के विरोध के बाद बदला गया। वहीं हॉल-4 में बैलेट पेपर के बंडलों में गड़बड़ी की आशंका जताई गई, जहां नीचे-ऊपर अलग और बीच में अलग बैलेट पेपर रखे जाने की बात कही गई। विरोध के बाद एक बंडल में सुधार किया गया, लेकिन अन्य बंडलों को लेकर भी संदेह व्यक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त हॉल-6 और हॉल-5 में भी काउंटिंग के दौरान कथित रूप से प्रलोभन और अनुचित हस्तक्षेप के आरोप लगाए गए हैं। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि कुछ बैलेट पेपर, जिन पर अंगूठे का निशान था, उन्हें एक पक्ष में स्वीकार और दूसरे पक्ष में अस्वीकार किया गया, जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। सरफराज अहमद ने दावा किया है कि इन घटनाओं का उल्लेख सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि मतगणना के दौरान अचानक तबीयत खराब होने के कारण वे तत्काल लिखित शिकायत दर्ज नहीं करा सके। अब उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विधिसम्मत पुनर्गणना की मांग की है। आवेदन की प्रतिलिपि रिटर्निंग ऑफिसर, राज्य निर्वाचन आयोग, झारखंड तथा पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग को भी भेजी गई है।