झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोशन लाल चौधरी ने केरेडारी क्षेत्र में संचालित सीसीएल (CCL) की चन्द्रगुप्त कोयला परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को पुरजोर तरीके से सदन के पटल पर रखा। विधायक ने सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि विकास के नाम पर ग्रामीणों के संवैधानिक अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुआवजा और पुनर्वास पर गंभीर सवाल सदन को संबोधित करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि एक ओर सीसीएल परियोजना शुरू करने की प्रक्रिया को तेज कर रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित और विस्थापित गांवों के रैयतों को अब तक उनकी भूमि का न्यायोचित मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विस्थापित परिवारों के लिए रोजगार और पुनर्वास की कोई ठोस कार्ययोजना अब तक धरातल पर नहीं उतरी है, जो कि सरासर अन्याय है।
आगे विधायक रोशन लाल चौधरी ने सदन के माध्यम से सरकार से अपनी मांगों को रखते हुए अविलंब पूरा करने का आग्रह किया। जिसमें रैयतों को उनकी भूमि का वर्तमान बाजार दर से चार गुना मुआवजा दिया जाए। R&R नीति के तहत प्रभावित परिवारों का सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित हो। प्रभावित क्षेत्र के स्थानीय युवाओं को परियोजना में स्थायी नौकरी दी जाए। पुनर्वास स्थलों पर सड़क, शुद्ध पेयजल, बिजली, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य केंद्रों की तत्काल व्यवस्था हो। उपरोक्त सभी व्यवस्थाएं पूर्ण होने और रैयतों की संतुष्टि के बाद ही खनन कार्य शुरू किया जाए। आगे विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा, "हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास की कीमत किसी गरीब ग्रामीण के आशियाने और उसकी आजीविका को छीनकर नहीं चुकाई जानी चाहिए।" उन्होंने क्षेत्र की जनता को आश्वस्त किया कि वे उनके सम्मान, अधिकार और सुरक्षित भविष्य के लिए सदन से लेकर सड़क तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
