मुख्यमंत्री पशुधन योजना से बदली तस्वीर: बड़कागांव के अरुण कुमार बने आत्मनिर्भर डेयरी उद्यमी, 18 गायों से रोजाना 185 लीटर दूध उत्पादन


हजारीबाग : मुख्यमंत्री पशुधन योजना के सहयोग से एवं हजारीबाग जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में गव्य विकास एवं नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बड़कागांव प्रखंड के गुरचट्टी गांव निवासी श्री अरुण कुमार ने सरकारी सहयोग, आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से अपने डेयरी व्यवसाय को सफल उद्यम में परिवर्तित कर ग्रामीण आत्मनिर्भरता की मिसाल प्रस्तुत की है।

अरुण कुमार ने राज्य सरकार की सहायता से मात्र 5 गायों के साथ डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की थी। गव्य विकास विभाग एवं जिला प्रशासन से प्राप्त तकनीकी मार्गदर्शन के फलस्वरूप आज उनका सीता डेयरी फार्म 18 गायों के साथ सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। वर्तमान में फार्म से प्रतिदिन लगभग 185 लीटर दूध का उत्पादन किया जा रहा है, जिसकी आपूर्ति स्थानीय मिल्क कलेक्शन सेंटर, होटल एवं विद्यालयों में की जाती है।

शुरुवात में अरुण कुमार ने क्रॉस बीड की होल्सटीन फ्रीजियन गाय से शुरुवात की उसके बाद समय के साथ साहीवाल, गिर और देशी गायों पर ज्यादा फोकस किया क्योंकि होल्सटीन फ्रीजियन गाय भारतीय वातावरण ज्यादा बीमार पड़ती थी।

डेयरी को उन्नत एवं लाभकारी बनाने के उद्देश्य से उन्होंने पूर्व में काऊ रबर मैट का उपयोग प्रारंभ किया, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार हुआ। साथ ही मिल्किंग मशीन की स्थापना से दूध दुहने की प्रक्रिया अधिक स्वच्छ एवं सुगम हुई तथा उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गई।

राज्य सरकार की नवीकरणीय ऊर्जा नीति से प्रेरित होकर उन्होंने 3 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट स्थापित किया, जिससे बिजली की समस्या से स्थायी समाधान मिला। साथ ही 100 लीटर क्षमता का सोलर वाटर हीटर भी लगाया गया, जिससे पूरे वर्ष गर्म पानी की सुविधा उपलब्ध हो सकी।

जिला प्रशासन के मार्गदर्शन से 2 घन मीटर का बायोगैस प्लांट स्थापित किया गया। बायोगैस से स्वच्छ ईंधन के साथ-साथ जैविक खाद प्राप्त होने लगी, जिसका उपयोग अजोला, नेपियर घास, बरसीम, मक्का एवं सूडान घास जैसी चारा फसलों की खेती में किया गया। इससे पशुओं के पोषण स्तर में सुधार हुआ और उत्पादन लागत में कमी आई।

अरुण कुमार दूध से पनीर एवं मिठाई बनाकर होम डिलीवरी के माध्यम से आपूर्ति कर एवं वर्मी कंपोस्ट का बेड बनाकर किसानों को ऑर्गेनिक उर्वरक मुहैया कराते हैं, जिससे कुछ अतिरिक्त आय भी प्राप्त होता है।

हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि “ अरुण कुमार की सफलता यह प्रमाणित करती है कि राज्य सरकार की योजनाओं और जिला प्रशासन के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा सकता है। उनकी डेयरी इकाई अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायी मॉडल है। जिला प्रशासन ऐसे प्रगतिशील किसानों को हर संभव सहयोग प्रदान करता रहेगा।”

बड़कागांव निवासी अरुण कुमार का कहना है कि डेयरी फॉर्म की मदद से परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी है, डेयरी फॉर्म की मदद से बड़ी बेटी की शादी अच्छे घराने में हुई है तथा बेटा को इंजीनियरिंग की पढ़ाई दिल्ली से कराई। आज अरुण कुमार का बेटा दिल्ली में सिग्मा पावर टेक प्राइवेट लिमिटेड के नाम से अपनी खुद की कंपनी चला रहा है।

अरुण कुमार का डेयरी फार्म आज न केवल एक सफल उद्यम है, बल्कि जिले के अन्य किसानों को आधुनिक तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा और वैज्ञानिक पशुपालन अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।